dharma sangrah

विजयादशमी पर्व : जानिए महत्व और मंगल मुहूर्त

Updated: शनिवार, 2 नवंबर 2019 (14:39 IST)
30 सितंबर 2017 यानी अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरे का पर्व मनाया जाएगा। भगवान श्रीरामचन्द्र ने देवी सीता को राक्षसराज रावण से  मुक्त कराने के लिए 10 दिनों तक युद्ध किया था। दसवें दिन श्रीराम ने रावण का वध करके लंका पर विजय प्राप्त की थी। विजय की खुशी के उपलक्ष्य में दशहरा का पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। 
 
दशहरा नौ दिन चलने वाली दुर्गा पूजा की समाप्ति का प्रतीक भी है। देवी दुर्गा ने जनमानस की रक्षा के लिए महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा और देवी चामुंडेश्वरी की पूजा की जाती है, जिन्होंने लोगों की रक्षा के लिए महिषासुर और असुरों की सेना को चामुंडा की पहाड़ी में युद्ध कर पराजित किया था। 
 
इस वर्ष दशहरे का पर्व 30 सितंबर, शनिवार को मनाया जाएगा। दशमी तिथि 29 सितंबर की रात्रि 11 बजकर 50 मिनट से आरंभ होगी और रात्रि 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। 
 
दशहरे का मंगल विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 3 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक। 
 
पूजा का समय-1 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 47 मिनट  तक।
 
विजय दशमी के दिन नीलकण्ठ का दर्शन शुभ माना जाता है। विजय काल में शमी वृक्ष का विधिवत पूजन करने का विधान है एवं इसी काल में राजचिन्ह, हाथी, घोड़े, अस्त्र-शस्त्र आदि का पूजन किया जाता है, जिसे शास्त्रों में लोहाभिसारिक कर्म कहते हैं। इस दिन लोग शस्त्र पूजा या कोई नया कार्य प्रारंभ करते हैं। जैस-अक्षर लेखन आरंभ, नया व्यापार, बीज बोना, सगाई, वाहन आदि खरीदना। 
 
दशहरा साढ़े तीन मुहूर्तो में आता है दशहरा साढ़े तीन मुहूर्तो में आता है, इस दिन बिना मुहूर्त देखें कोई भी नया कार्य प्रारंभ किया जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो कार्य आरंभ किया जाता है, उस कार्य में श्रेष्ठ विजय हासिल होती है। 

रावण पर विजय प्राप्त करें... 
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख