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दशहरे पर बन रहे हैं ये संयोग और किस मुहूर्त में होगी शस्त्र पूजा जानिए

Updated: गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021 (13:37 IST)
15 अक्टूबर 2021 को विजयादशमी अर्थात दशहरे का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन श्रीराम ने रावण का वध किया और इसी दिन माता दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध करने के बाद देवाताओं ने विजयोत्सव मनाया था। आओ जानते हैं दशहरे के दिन बन रहे हैं कौनसे शुभ संयोग और कब करना चाहिए शस्त्र पूजा।

 
 
दशमी तिथि : यह तिथि 14 अक्टूबर 2021 दिन गुरुवार को शाम 06 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होकर 15 अक्टूबर 2021 दिन शुक्रवार को शाम 06 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी। अत: विजय दशमी का त्योहार 15 अक्टूबर 2021 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। यदि दशमी तिथि 2 दिन पड़ती है परंतु श्रवण नक्षत्र पहले दिन के अपराह्न काल में पड़े तो विजयदशमी का त्योहार प्रथम दिन में मनाया जाता है। हालांकि इस बार दो तिथियों का संयोग नहीं है।
 
 
सर्वार्थसिद्धि योग : अकटूबर 06:27 AM To 09:16 AM तक। 
ग्रह गोचर : इस दिन चंद्रमा मकर राशि और श्रवण नक्षत्र रहेगा। इस दिन मकर राशि में तीन ग्रहों की युति बनेगी। गुरु, शनि और चंद्रमा का गोचर मकर राशि में होगा।
 
शस्त्र पूजन का समय : 
अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक। इस मुहूर्त में की गई पूजा से सभी ओर जीत मिलती है।
 
विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 01 मिनट 53 सेकंड से दोपहर 2 बजकर 47 मिनट और 55 सेकंड तक। जब सूर्यास्त होता है और आसमान में कुछ तारे दिखने लगते हैं तो यह अवधि विजय मुहूर्त कहलाती है। इस समय कोई भी पूजा या कार्य करने से अच्छा परिणाम प्राप्त होता है। कहते हैं कि भगवान श्रीराम ने दुष्ट रावण को हराने के लिए युद्ध का प्रारंभ इसी मुहुर्त में किया था। 
 
अपराह्न मुहूर्त : 1 बजकर 15 मिनट 51 सेकंड से 3 बजकर 33 मिनट और 57 सेकंड तक तक। दशहरा पर्व अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को अपराह्न काल में मनाया जाता है। यह समय सूर्योदय के बाद दसवें मुहूर्त से लेकर बारहवें मुहूर्त तक रहता है।
 
अमृत काल मुहूर्त: शाम 6 बजकर 44 मिनट से रात 8 बजकर 27 मिनट तक।
 
दिन का चौघड़िया :
लाभ – 07:53 एएम से 09:20 एएम तक।
अमृत (वार वेला) – 09:20 एएम से 10:46 एएम तक।
शुभ – 12:12 पीएम से 13:38 पीएम तक।
 
रात का चौघड़िया :
लाभ (काल रात्रि) – 21:05 पीएम से 22:39 पीएम तक।
शुभ – 00:12 एएम से 01:46 एएम तक।
अमृत – 01:46 एएम से 03:20 एएम तक।
 
नोट : स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथियों और मुहूर्त के समय में थोड़ी-बहुत घट-बढ़ होती है।

 

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