sundarkand

Dussehra 2024: क्यों शुभ मना जाता है रावण दहन की लकड़ी का टोटका

जानिए रावण दहन की लकड़ी या राख क्यों लाते हैं घर

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024 (14:38 IST)
रावण दहन

Dussehra 2024: दशहरा त्योहार भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे रावण दहन के रूप में मनाया जाता है। रावण दहन के बाद, कई लोग उसकी लकड़ी और राख को अपने घर लेकर आते हैं। आखिर इस परंपरा के पीछे क्या कारण हैं? इस लेख में हम इसी सवाल का जवाब ढूंढेंगे और जानेंगे कि रावण दहन की लकड़ी और राख को घर लाने का महत्व क्या है।
ALSO READ: क्या छल से रावण ने कुबेर देव से हड़पी थी सोने की लंका, क्या लंका थी शिव परिवार का निवास
 

रावण दहन की परंपरा और उसका महत्व
दशहरा या विजयादशमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। पूरे देश में बड़े-बड़े मैदानों में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। रावण दहन का यह दृश्य देखते हुए, कई लोग उसकी लकड़ी और राख को अपने घर लेकर आते हैं।

राख और लकड़ी घर लाने का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण दहन की लकड़ी और राख को घर लाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यह भी माना जाता है कि इन राख और लकड़ियों में भगवान राम की शक्ति समाहित होती है, जो आपके घर को बुरी नजर और आपदाओं से बचाती है। 
राख को पूजा के स्थान पर रखा जाता है ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। कई लोग इसे खेतों में भी डालते हैं, यह मानते हुए कि इससे फसल अच्छी होती है।

रावण दहन की राख के पीछे वैज्ञानिक दृष्टिकोण
सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रावण दहन की राख महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह राख लकड़ी और प्राकृतिक सामग्री से बनी होती है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि यह राख वातावरण को शुद्ध करती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मददगार होती है।

कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस राख को अपने खेतों में मिलाते हैं ताकि फसल में कीड़े न लगें और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हो सके। इससे यह पता चलता है कि इस परंपरा के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और कृषि से जुड़े फायदे भी हैं।

लकड़ी घर लाने की परंपरा
रावण दहन की बची हुई लकड़ियों को घर लाने की परंपरा भी बेहद खास है। यह माना जाता है कि ये लकड़ियाँ परिवार को नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं और घर में सुख-शांति बनाए रखती हैं। इन लकड़ियों को घर के दरवाजों के पास रखा जाता है, ताकि घर में किसी तरह की बुरी नजर या दुर्भाग्य का प्रवेश न हो सके।


अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

 

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 अगस्‍त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

दूसरे सोमवार को करें ये आसान उपाय, श्रावण के 12वें दिन इस मंत्र से प्रसन्न होंगे शिवजी और चंद्रदेव

श्रावण मास में रविवार का खास उपाय, 11वें दिन इस मंत्र का जाप करने से प्रसन्न होंगे शिवजी और सूर्यदेव

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण: इन 5 राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रहें सतर्क

सावन का दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष का महासंयोग: जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और विशेष उपाय

अगला लेख