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उज्जैन के इस शक्तिपीठ पर राजा विक्रमादित्य ने 11 बार देवी को अर्पित किया था अपना शीश, जानिए मंदिर से जुड़े रहस्य

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 18 मार्च 2026 (13:03 IST)
harsiddhi mandir ujjain: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है माता का हरसिद्धि मंदिर। हरसिद्धि मंदिर माता के 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि इस जगह पर देवी सती की कोहनी गिरी थी। यूं तो इस मंदिर के कई आकर्षक है लेकिन एक खास वजह से यह हमेशा ही लोगों में चर्चा का केंद्र बना रहता है वह है मंदिर में बने दो दीप स्तंभ। लगभग 51 फीट ऊंचे इस दीप स्तंभ के बारे में मान्यता है कि इस उज्जैन के सम्राट राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था। इस तरह से यह दीप स्तंभ लगभग 2000 साल से ज्यादा पुराना है। 

सम्राट विक्रमादित्य ने 11 बार अपना सिर माता को किया अर्पित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उज्जैन के राजा विक्रमादित्य माता हरसिद्धि के अनन्य भक्त थे। जैन श्रुति के अनुसार वे घर बाहर साल में अपना सिर माता हरसिद्धि को अर्पित कर दिया करते थे लेकिन देवी की कृपा से उन्हें चमत्कारी रूप से हर बार नया सिर मिल जाता था लेकिन 12वीं बार जब उन्होंने अपना सिर देवी को चढ़ा कर अर्पित किया तो वह वापस नहीं आया और इस तरह से उनके जीवन का अंत हो गया।

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कैसे जाएं हरसिद्धि मंदिर और कहां ठहरें
हरसिद्धि मंदिर पहुंचने के लिए आपको उज्जैन शहर पहुंचना होगा। हिंदुओं की बड़ी धार्मिक नगरी होने की वजह से उज्जैन बस और रेल मार्ग से पूरे देश से अच्छी तरह से कनेक्ट है। उज्जैन से इंदौर और भोपाल की दूरी करीब 55 किमी है। इन दो शहरों से भी आसानी से उज्जैन पहुंचा जा सकता है।
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