suvichar

नरक चतुर्दशी पर क्यों करते हैं भगवान वामन की पूजा और दीपदान, जानिए

Updated: मंगलवार, 2 नवंबर 2021 (16:04 IST)
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्‍ण, यमदेव और माता काली की पूजा होती है। परंतु इस दिन दक्षिण भारत में वामन पूजा होती है। इस बार नरक चतुर्दशी का पर्व 3 नवंबर 2021 को मनाया जाएगा।
 
 
प्रचलित मान्यता के अनुसार इस दिन दक्षिण भारत में वामन पूजा होती है। कहते हैं कि इस दिन राजा बलि (महाबली) को भगवान विष्णु ने वामन अवतार में हर साल उनके यहां पहुंचने का आशीर्वाद दिया था। इसी कारण से वामन पूजा की जाती है।
 
इसकी कथा इस प्रकार है कि जब दो पग में भगवान वामन ने संपूर्ण त्रैलोक्य नाप लिया तो उन्होंने राजा बलि से कहा कि अब मैं अपना तीसरा पग कहां रखूं तो राजा बलि ने कहा कि प्रभु अब तो मेरा सिर ही बचता है। यह सुनकर भगवान प्रसन्न हुए और उन्होंने कहा कि वर मांगों।
तब अनुसरराज बलि बोले, हे भगवन! आपने कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से लेकर अमावस्या की अवधि में मेरी संपूर्ण पृथ्वी नाप ली है, इसलिए जो व्यक्ति मेरे राज्य में चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त दीपदान करेगा, उसे यम यातना नहीं होनी चाहिए और जो व्यक्ति इन तीन दिनों में दीपावली का पर्व मनाए, उनके घर को लक्ष्मीजी कभी न छोड़ें। ऐसे वरदान दीजिए।
 
यह प्रार्थना सुनकर भगवान वामन बोले- राजन! ऐसा ही होगा, तथास्तु। भगवान वामन द्वारा राजा बलि को दिए इस वरदान के बाद से ही नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त व्रत, पूजन और दीपदान का प्रचलन आरंभ हुआ।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 सितंबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Ganpati Maha Aagman: बप्पा के आगमन से लेकर विसर्जन तक बदल जाती है मुंबई की धड़कन

माता वेलंकन्नी पर्व, तमिलनाडु के ईसाइयों का त्योहार

Pola Amavasya 2026: पिठोरी अमावस्या 2026: संकट दूर करने के 5 अचूक उपाय

गणेश उत्सव 2026: गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और स्थापना विधि

अगला लेख