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अमृत सिद्धि योग में रवि पुष्य नक्षत्र, 5 दिवसीय विशेष संयोग

पं. सोमेश्वर जोशी
दीपावली से पहले 21 से 26 अक्टूबर तक 5 दिन विभिन्न योगों के संयोग हैं। इन दिनों सर्वार्थसिद्धि, शनि पुष्य, रवि पुष्य, त्रिपुष्कर योग, कुमार व राजयोग का अद्भुत संयोग रहेगा। 
रवि पुष्य व शनि पुष्य बहुत ही मंगलकारी होते हैं। यह योग 22 और 23 अक्टूबर को बनेंगे। शनिवार रात्रि से रविवार रात्रि तक 24:11 मिनट तक रहेगा। 22 अक्टूबर का दिन अत्यंत खास रहेगा। इस दिन शनि पुष्य के साथ त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है। 
 
23 अक्टूबर को दो  सर्वार्थसिद्धि व रवि पुष्य योग आ रहे हैं। 
 
25 अक्टूबर को कुमार योग रहेगा। 
 
वहीं 26 अक्टूबर को दोपहर से देर रात तक विशेष शुभ राजयोग का संयोग रहेगा। 
 
यह योग इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योकि अगला रवि पुष्य योग आठ महीने बाद 25 जून 2017 को आएगा जो केवल 6 घंटे का रहेगा। 
 
पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह और भी विशेष हो जाता है जब यह रवि या गुरुवार को आता है। 
 
 इस बार रवि पुष्य योग के दिन अष्टमी और श्रीवत्स योग भी है जो इस योग को और भी शुभ पुण्यकारी बना रहा है। हर तरह की वस्तुओं की खरीदारी के लिए यह अत्यधिक उत्तम योग हैं। 
 
 
कब कौन सा शुभ योग है 
 
22 अक्टूबर 
त्रिपुष्कर योग सुबह 6:31 से 1:11 बजे तक। रात 8:26 से शनि पुष्य योग। 
 
23 अक्टूबर 
श्रीवत्स, सर्वार्थसिद्धि व रविपुष्य शनिवार रात्रि 8:26 से रविवार रात 8:37 तक  
 
25 अक्टूबर 
कुमार योग सुबह 6:35 से रात 11:03 बजे तक। 
 
26 अक्टूबर 
राजयोग दोपहर 2:36 से देर रात 1:04 बजे तक।

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