दीपावली पर किए जाने वाले 12 पारंपरिक कार्य


अनिरुद्ध जोशी|
दीपावली को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं, परंपराएं और रीति रिवाज़ प्रचलित है। उनमें से कुछ का तो हिन्दू धर्म में उल्लेख है, लेकिन अधिकतर का स्थानीय संस्कृति और पहले से चली आ रही परंपरा से संबंध है। दीपों का पर्व होने के कारण दीपावली एक बहुत ही सुंदर त्योहार या है। यह ठंड की शुरुआत का उत्सव भी है।
 
> पांच पर्वों का त्योहार है दिवाली : यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है। कार्तिक माह की त्रयोदशी से शुक्ल द्वितिया तक यह त्योहार मनाया जाता है जिसमें कार्तिक माह की अमावस्या को मुख्य दीपावली पर्व होता है। अर्थात धनतेरस से भाई दूज तक यह त्योहार चलता है। आज से लगभग 50 वर्ष पहले तक इस त्योहार को शहर और गांव में एक जैसा ही मनाया जाता था लेकिन अब आधुनिकता के चलते शहरों में इस त्योहार की रंगत और रौनक बदल गई है जबकि गांवों में भी अब इस त्योहार का परंपरागत रूप बदल रहा है। आओ जानते हैं वे कौन-से ऐसे 12 कार्य हैं जो पांच दिन चलने वाले दीपोत्सव में किए जाते हैं।
 
दीपावली मनाने के कारण?>  
* इस दिन भगवान विष्णु ने राजा बलि को पाताल लोक का स्वामी बनाया था और इन्द्र ने स्वर्ग को सुरक्षित जानकर प्रसन्नतापूर्वक दीपावली मनाई थी।
* इस दिन भगवान विष्णु ने नरसिंह रुप धारणकर हिरण्यकश्यप का वध किया था।
* इसी दिन समुद्रमंथन के पश्चात लक्ष्मी व धन्वंतरि प्रकट हुए थे।
* इसी दिन भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे।
* इस दिन के ठीक एक दिन पहले श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था।
* यह दिन भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस भी है।
* गौतम बुद्ध के अनुयायियों ने 2500 वर्ष पूर्व गौतम बुद्ध के स्वागत में लाखों दीप जला कर दीपावली मनाई थी।
* इसी दिन उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का राजतिलक हुआ था।
* इसी दिन गुप्तवंशीय राजा चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने 'विक्रम संवत' की स्थापना करने के लिए धर्म, गणित तथा ज्योतिष के दिग्गज विद्वानों को आमन्त्रित कर मुहूर्त निकलवाया था।
* इसी दिन अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था।
*दिवाली ही के दिन सिक्खों के छ्टे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को कारागार से रिहा किया गया था।
* इसी दिन आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण हुआ था।
* इस दिन से नेपाल संवत में नया वर्ष आरम्भ होता है।
* उक्त सभी कारणों से हम दीपावली का त्योहार मनाते हैं।
 
अगले पन्ने पर पहला पारंपरिक कार्य...
 



और भी पढ़ें :