Hanuman Chalisa

भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की यम द्वितीया : जानें इस दिन क्या करें, क्या न करें

Updated: शुक्रवार, 5 नवंबर 2021 (14:40 IST)
पौराणिक कथा अनुसार सूर्य पुत्री यमी अर्थात् यमुना ने अपने भाई यम को कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को अपने घर निमन्त्रित कर अपने हाथों से बना स्वादिष्ट भोजन कराया। जिससे यमराज बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने अपनी बहन यमुना से एक वरदान मांगने को कहा।
 
तब यमुना ने अपने भाई यम से यही वरदान मांगा कि आज के दिन जो बहन अपने भाई को निमन्त्रण कर अपने घर बुलाएं, उन्हें भोजन कराएं और उनके माथे पर तिलक करें तो उन्हें आपका अर्थात् यम का भय ना हो। ऐसा कहने पर यमराज ने अपनी बहन को तथास्तु कहकर यह वरदान प्रदान किया। अत: आज के दिन जो भाई अपनी बहन के यहां भोजन करता है उन भाई-बहनों को यम का भय नहीं होता।
 
क्या करें-
 
भाईदूज के दिन बहनें अपने भाई को निमन्त्रित कर उन्हें अपने हाथों से बना स्वादिष्ट भोजन कराएं और तिलक करें। भोजन के उपरान्त अपने भाई को ताम्बूल (पान) भेंट करें। मान्यता है कि ताम्बूल भेंट करने से बहनों का सौभाग्य अखण्ड रहता है।
 
क्या ना करें-
 
शास्त्रानुसार आज के दिन जो भाई अपने घर पर ही भोजन करता है उसे दोष लगता है। यदि बहन के घर जाना सम्भव ना हो सके तो किसी नदी के तट या गाय को अपनी बहिन मानकर उसके समीप भोजन करना श्रेयस्कर रहता है।
 
यमुना स्नान-
 
ऐसी मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन जो भाई-बहन यमुना स्नान करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं होता एवं उन्हें यमलोक नहीं जाना पड़ता।
भाई दूज तिलक का शुभ समय :
1 बजकर 10 मिनट 12 सेकंड से प्रारंभ होकर 03 बजकर 21 मिनट से 29 सेकंड तक रहेगा।
 
भाई दूज के शुभ मुहूर्त :
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:19 से दोपहर 12:04 तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर  01:32 से 02:17 तक।
अमृत काल मुहूर्त- दोपहर 02:26 से 03:51 तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:03 से 05:27 तक।
सायाह्न संध्या मुहूर्त- शाम 05:14 से 06:32 तक।
निशिता मुहूर्त- रात्रि 11:16 से 12:08 तक।
भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाई जाती है। 


ALSO READ: भाई दूज पर कौन से शुभ मुहूर्त पर भाई को लगाएं तिलक, जानें सरल विधि व कथा

क्या है भाई दूज, कब मनाया जाता है? क्यों मनाया जाता है? भाई दूज 2021 कब है?

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

23 July Birthday: आपको 23 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 23 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

जन आंदोलन और युद्ध का क्या है संबंध? ग्रह गोचर से समझिए देश-दुनिया में उथल-पुथल के संकेत

गुरुपूर्णिमा पर श्री श्री रविशंकर का संदेश, क्या जीवन में गुरु की आवश्यकता है?

Nag Panchami 2026: कब है नाग पंचमी? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र और महत्व

अगला लेख