biodatamaker

भाई दूज 2019 के शुभ मुहूर्त और कथा, जानिए यहां

Updated: शनिवार, 26 अक्टूबर 2019 (14:01 IST)
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को पूर्व काल में यमुना ने यमदेव को अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था। जिससे उस दिन नारकीय जीवों को यातना से छुटकारा मिला और वे तृप्त हुए। पाप मुक्त होकर वे सभी सांसारिक बंधनों से मुक्त हो गए। उन सब ने मिलकर एक महान उत्सव मनाया जो यमलोक के राज्य को सुख पहुंचाने वाला था। इसी वजह से यह तिथि तीनों लोकों में यम द्वितीया के नाम से विख्यात हुई।  

जिस तिथि को यमुना ने यम को अपने घर भोजन कराया था, यदि उस तिथि को भाई अपनी बहन के हाथ का उत्तम भोजन ग्रहण करता है तो उसे उत्तम भोजन के साथ धन की प्राप्ति होती है। पद्म पुराण में कहा गया है कि कार्तिक शुक्लपक्ष की द्वितीया को पूर्वाह्न में यम की पूजा करके यमुना में स्नान करने वाला मनुष्य यमलोक की यातनाएं नहीं भोगता अर्थात उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।  
 
भाई दूज की कहानी
यह कथा सूर्यदेव और छाया के पुत्र पुत्री यमराज तथा यमुना से संबंधित है। यमुना अक्सर अपने भाई यमराज से स्नेहवश निवेदन करती कि वे उनके घर आकर भोजन ग्रहण करें। परंतु यमराज व्यस्त रहने के कारण यमुना की बात को टाल देते थे। कार्तिक माह के शुक्ल द्वितीया को यमुना अपने द्वार पर भाई यमराज को खड़ा देखकर हर्ष-विभोर हो जाती हैं। प्रसन्नचित्त होकर भाई का स्वागत सत्कार कर भोजन करवाती हैं। बहन यमुना के प्रेम, समर्पण और स्नेह से प्रसन्न होकर यमदेव ने वर मांगने को कहा, तब बहन यमुना ने भाई यमराज से कहा कि आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आएं तथा इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका कर भोजन खिलाए उसे आपका भय न रहे। यमराज 'तथास्तु' कहकर यमलोक चले गए। तब से मान्यता है कि जो भाई आज के दिन पूरी श्रद्धा से बहन के आतिथ्य को स्वीकार करता है उसे और उसकी बहन को यमदेव का भय नहीं रहता है। 
 
भैया दूज पर्व तिथि व मुहूर्त 2019
 
भाई दूज 2019 मुहूर्त 
 
29 अक्टूबर
 
भाई दूज तिथि :  मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019
 
भाई दूज तिलक मुहूर्त : 13:11 से 15:23 बजे तक (29 अक्टूबर 2019)
 
द्वितीय तिथि प्रारंभ :  21:07 बजे से (अक्टूबर 2019 )
 
द्वितीय तिथि समाप्त :  21:20 बजे तक (अक्टूबर 2019 )
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

कब है संतान सप्तमी, कैसे करते हैं व्रत और पूजा का क्या है शुभ मुहूर्त

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 04 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, आरती और अचूक उपाय

कब है ऋषि पंचमी? जानें अपामार्ग स्नान का महत्व, व्रत के नियम और सप्तऋषि पूजन परंपरा

नीम करोली बाबा ने जब खाली LSD की गोलियां, रिचर्ड अल्बर्ट क्यों बुरी तरह घबरा गए?

अगला लेख