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ब्रिटेन रॉयल फैमिली: मैं सिर्फ हैरी हूं और मेगन सिर्फ मेगन…

Updated: सोमवार, 20 जनवरी 2020 (18:54 IST)
मासूम हैरी अपनी मां डायना की फ्यूनरल को जाते हुए देख रहा था। वो अपनी झिलमिलाती आंखों से देखता है कि पूरी दुनिया उसकी मां के अंतिम सफर में शामिल हुई है, लेकिन जिस वजह से रो रहा है, उसे वहां मौजूद दुनिया का कोई शख्‍स नहीं समझ सका।

खूबसूरत आंखों और चमकीली मुस्‍कान वाली डायना के रूप में छोटे से हैरी ने अपनी मां को, उसके प्‍यार और उस ताकत को खो दिया है। और समझता है कि उसकी मां को उससे छीनने का काम ब्रिटेन के लोगों ने किया था।

अब यह सब फिर से हो रहा है मेरी मेगन के साथ, जो मेरे प्‍यार और जीने की ताकत है। इसलिए प्रिंस हैरी अपने नाम से प्रिंस हटा देते हैं। यह फैसला पूरी दुनिया को हैरान कर देता है। शाही परिवार का तमगा छोड़कर उन्‍होंने जो किया वो दुनिया के लिए भले हैरत की बात हो, उनके लिए तो वो प्‍यार है। मेगन का प्‍यार। जिसे वो अपनी मां डायना की तरह खोना नहीं चाहते हैं।

जब हैरी को मेगन मिलीं
‘मैंने पहली बार लंदन में जब मेगन को देखा तो उसे बस देखता ही रह गया, यह एक अद्भुत आश्चर्य था, मेरे ऊपर एक नशा सा छाने लगा। बाद में मुझे अहसास हुआ कि यह मेगन की खूबसूरती और उसके प्‍यार का नशा था, जब मेरे साथ यह सब हुआ तो मुझे यकीन हो गया कि पूरी कायनात मेरे साथ है और वो चाहती है कि मैं अपनी पूरी जिंदगी मेगन के साथ बिताऊं’।

ब्रिटेन की रॉयल फैमिली के प्रिंस हैरी ने एक बार इंटरव्‍यू में उनके और उनकी पत्‍नी मेगन मर्केल की लव स्‍टोरी को लेकर यही बात कही थी।

यह बात 2016 की है। इस अतीत के करीब 4 साल बाद 2020 में एक दूसरी घटना होती है, प्रिंस हैरी और मेगन रॉयल फैमिली से अलग होने के लिए औपचारिक समझौते पर दस्‍तखत करते हैं। अब वे शाही उपाधि 'हिज और हर रॉयल हाइनेस' (एचआरएच) के हकदार नहीं होंगे।

पूरी दुनिया स्‍तब्‍ध है। एक राजकुमार बे-ताज हो गया है और किसी ‘फेयरी टेल’ की तरह आम लड़की से राजकुमारी बनी मेगन ने दुनिया के सबसे बड़े परिवार की इस रॉयलनेस को ठुकरा दिया है– और यह उनका फैसला है।

शायद प्रिंस हैरी और मेगन को उसी दिन अहसास हो गया था कि उनकी जिंदगी में सिर्फ वे दोनों और उनका प्‍यार ही हैं, इसके अलावा कुछ भी मायने नहीं रखता।

दुनिया में इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं, लेकिन मूलरूप से इसके केंद्र में सिर्फ हैरी और मेगन का प्रेम ही है। रॉयल फैमिली की कैद से बाहर निकलकर अपनी एक अलग दुनिया बसाने की छटपटाहट।

दरअसल, प्रेम वो ताकत है, जो अपना वजूद खुद तलाशने की राह दिखाता है, हैरी और मेगन ने वही किया है। जिस रॉयलनेस को दोनों ने इतने इम्‍तिनान से ठुकरा दिया, वो रॉयलनेस शेष दुनिया के लिए तो स्‍वप्‍न ही है। वरना मेगन के इस फैसले के बाद उनके पिता थॉमस इंटरव्‍यू में क्‍यों कहते कि-

‘दुनिया में हर लड़की का स्‍वप्‍न प्रिंसेस बनना होता है, मेगन का यह स्‍वप्‍न पूरा भी हो गया था, लेकिन अब वो इससे दूर हो रही है और ब्रिटेन रॉयल फैमिली की प्रतिष्‍ठा को धूमिल कर रही है’।

हैरी और मेगन के प्रेम के इतर हालांकि इस फैसले के पीछे उनकी मां लेडी डायना की मौत भी कहीं न कहीं मायने रखती है। हैरी इस बारे में संकेत भी दे चुके हैं, उन्‍होंने कहा था-

‘इस दुनिया की वजह से मैंने अपनी मां को जाते हुए देखा है, अब मेरी मेगन भी उसी दुनिया का हिस्‍सा हो रही है, मैं उसे खोते हुए साफतौर से देख पा रहा हूं’

दरअसल, डायना भी मेगन की तरह आम लड़की की दुनिया से ‘हर हाईनेस’ वाली परीकथा की दुनिया में आई और प्रिंसेस डायना बनी थीं, लेकिन इस सपने और प्रिंसेस के तख्‍त ने उसके वजूद को छीन लिया था। पूरी दुनिया पर डायना की खूबसूरती और ग्रेस का नशा छाया हुआ था, और यही दुनिया को रास नहीं आ रहा था। दुनिया ने ब्रिटेन के टैब्‍लॉयड अखबारों की मदद से उसकी बेहद ही मासूम और खूबसूरत दुनिया में घुसपैठ कर डाली।

एक आम लड़की का जीवन छोड़कर आई डायना न तो आम जिंदगी ही जी पाई, और न ही उसकी खास जिंदगी को टैब्‍लॉयड अखबारों और पॉपराजियों के कैमरों ने उसे प्राइवेट ही रहने दिया। आए दिन ब्रिटेन की खबरों ने उसे किसी स्‍कैंडल में घसीटा तो कभी कोई और कहानी बना दी। डायना की खूबसूरत आंखें और चमकीली मुस्‍कान सिर्फ एक ‘मेटाफर’ बनकर रह गई। इन सबके पीछे डायना की जिंदगी में अवसाद और अकेलापन बेहद ही खुफिया तरीके से पसर रहा था। जो अंत में उसकी मौत में तब्‍दील हो गया।

अपनी मां को खो चुके प्रिंस हैरी को एक डायना की तलाश थी, और साल 2016 में हैरी की जिंदगी में मेगन ही डायना बनकर लौटी। अब वही कहानी दोहराई जा रही थी, मेगन डायना बन रही थी, उसे अखबारों और कैमरों ने घेरना शुरू कर दिया था, जबकि वो पहले से ही रॉयल फैमिली की कैद में घिरीं हुई थीं। ऐसे में हैरी को साफ दिख रहा था कि कहीं मेगन भी उनकी मां डायना की तरह एक ऐसी डायना में बदल जाए जो उसकी जिंदगी में ही न रहे।

क्‍योंकि वो अपनी मां से प्‍यार करते थे, और हैरी-मेगन की इस कहानी के केंद्र में भी प्रेम ही है। वो नहीं चाहते कि उनके प्रेम को दुनिया खा जाए। इसलिए उन्‍होंने कह दिया अब नहीं, मैं प्रिंस नहीं हूं, मैं सिर्फ हैरी हूं और मेगन सिर्फ मेगन।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

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