द्रविड़ को कोच बनने से ऐतराज, वरना भारतीय टीम कर सकती थी हर तरफ राज
Rahul Dravid
टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में मिली हार के बाद अब टीम इंडिया अपने नए मिशन की ओर आगे बढ़ चुकी है। दो हफ्ते बाद भारतीय टीम का सामना लंकाई चीतों से उन्हीं के गढ़ में होना है। वैसे हमारी सीनियर टीम के अधिकांश खिलाड़ी इस समय इंग्लैंड दौरे पर हैं और श्रीलंका उड़ान भरने वाली टीम ज्यादातर युवा खिलाड़ियों से सजी हुई होगी।
अब सभी के चहीते, सबके प्यारे राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में युवा ब्रिगेड के साथ जा रहे हो, तो बातें तो उनकी होगी ही।
अब तो बना दो इंडिया का कोच
न्यूजीलैंड के खिलाफ डब्ल्यूटीसी फाइनल में भारतीय टीम को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। फाइनल में मिली हार के साथ ही चारों तरफ बस एक ही बात कही जाने लगी कि अब रवि शास्त्री की जगह राहुल द्रविड़ को भारत का कोच बना देना चाहिए। वैसे ये बात सिर्फ टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से जुड़ी हुई नहीं है।
बतौर कोच गाड़ चुके हैं झंडे पर झंडे
वैसे देखा जाए तो राहुल द्रविड़ के लिए फैंस की यह मांग जायज भी है। द वॉल द्रविड़ जितने महान खिलाड़ी रहे, उतना ही नाम उन्होंने बतौर कोच के रूप में भी कमाया। इंडिया ए और अंडर-19 टीमों ने द्रविड़ की कोचिंग की लगातार सफलता के झंडे गाड़े।
जानकारी के लिए बता दें कि, साल 2016 और 2019 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था और दोनों बार टीम के कोच राहुल द्रविड़ थे। 2016 में ईशान किशन की कप्तानी में भारत रनर-अप रहा था, जबकि 2019 में पृथ्वी शॉ की अगुवाई में चैंपियन बनकर सामने आया था।
बतौर कोच अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन :
| साल | प्रदर्शन |
| 2016 | रनर-अप |
| 2019 | चैंपियन |
क्या अब बना देना चाहिए कोच
साल 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के हाथों मिली हार के बाद अनिल कुंबले ने टीम इंडिया के हेड कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था और तब ये अटकलें काफी जोरों पर थे, कि अब तो द्रविड़ को सीनियर टीम की कोचिंग का जिम्मा अपने हाथों में लेना चाहिए, लेकिन उन्होंने इस पद के लिए अपना नामांकन नहीं भरा।
2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार के बाद तो कोच शास्त्री को कटघरे में खड़ा कर दिया गया था और हर जगह बस एक ही बात सुनने को मिल रही थी कि अब तो राहुल द्रविड़ को कोच बनाना ही होगा। सिर्फ क्रिकेट फैंस नहीं, बल्कि कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट पंडितों ने भी एक सुर में कहा था, अबकी बार द्रविड़ की सरकार...
द्रविड़ के इतना कह देने के साथ ही उनके टीम इंडिया के हेड कोच बन की बात बंद हो गई और एक बार फिर से रवि शास्त्री को भारत की सीनियर टीम का कोच नियुक्त कर दिया गया।
खिलाड़ी भी करते हैं तारीफ
राहुल द्रविड़ ने आपनी कोचिंग में कई प्रतिभाओं को निखारा। संजू सैमसन, ऋषभ पंत, शुभम गिल, पृथ्वी शॉ, ईशान किशन आदि कई सारे युवा खिलाड़ी भारतीय टीम को द्रविड़ की ही देन हैं। इन सभी खिलाड़ियों को जब मौका मिलता है, तो वह द्रविड़ का गुणगान करते नहीं थकते।

