केजरीवाल ने दिल्ली में लगाया वीकेंड कर्फ्यू, सख्ती से लागू होंगे कोरोना संबंधी नियम

Last Updated: गुरुवार, 15 अप्रैल 2021 (17:04 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद ने राजधानी में कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सप्ताहांत में कर्फ्यू लगाने समेत कई पाबंदियों की गुरुवार को घोषणा की। इस दौरान मॉल, जिम, स्पा और सभागार बंद रहेंगे।
शहर में बुधवार को 1 दिन में सर्वाधिक 17,282 नए मामले सामने आने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रेस्तरांओं के भीतर बैठकर खाना खाने की अनुमति नहीं होगी और सिनेमाघर में भी केवल 30 प्रतिशत दर्शक ही जा सकेंगे।

केजरीवाल ने कहा कि सप्ताहांत के कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाएं और विवाह समारोह प्रभावित नहीं होंगे और विवाह कार्यक्रमों में शामिल होने वालों को पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा जाने वालों को भी पास जारी किए जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि सप्ताहांत कर्फ्यू लागू करने का कारण यह है कि इन दिनों में लोग सैर-सपाटा और ऐसी अन्य गतिविधियों में शामिल होते हैं। बिना किसी खास परेशानी के इनके बगैर रहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि (कोविड-19) चक्र को तोड़ने और लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए सप्ताहांत कर्फ्यू लगाया जा रहा है। हम अस्पताल, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों जैसी आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों और शादी करने वालों को असुविधा नहीं होने देंगे। हम उन्हें बिना देरी और आराम से आवाजाही करने देने के लिए पास जारी करेंगे। सरकार पहले ही 30 अप्रैल तक दिल्ली में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लागू कर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं है और कोविड मरीजों के लिए अब भी 5,000 बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बड़े पैमाने पर बिस्तर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी हैं।
केजरीवाल ने घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में रेस्तरांओं को खाना घर पहुंचाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही कहा कि एक क्षेत्र में प्रतिदिन केवल एक ही साप्ताहिक बाजार लगाने की अनुमति होगी तथा कार्यक्रम में शामिल होने की इजाजत पाने वालों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कदम भी उठाए जाएंगे।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार कोविड संबंधी व्यवहार जैसे मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाना आदि को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करेगी, क्योंकि कुछ लोग अब भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। (भाषा)



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