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Covin data Leak: सरकार ने किया सेंधमारी से इंकार, राजीव चन्द्रशेखर ने दी सफाई

Updated: सोमवार, 12 जून 2023 (18:40 IST)
Covin data Leak: कोविन प्लेटफॉर्म के डेटा में सेंधमारी की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर (Rajiv Chandrasekhar) ने सोमवार को कहा कि ऐसा नहीं लगता कि कोविड ऐप (Covin app) या डेटाबेस (database) सीधे तौर पर इसका शिकार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) ने तुरंत कदम उठाया और मामले की समीक्षा की है।
 
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय डेटा प्रशासन नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो देश में डेटा भंडारण, पहुंच और सुरक्षा मानकों का एक साझा ढांचा तैयार करेगी। चन्द्रशेखर ने ट्वीट किया कि सोशल मीडिया पर कोविन डेटा में कथित सेंधमारी को लेकर कुछ खबरों के संदर्भ में कहना चाहता हूं कि सर्ट-इन ने तुरंत कदम उठाया और इसकी समीक्षा की है।
 
उन्होंने कहा कि एक टेलीग्राम बॉट फोन नंबर की एंट्री पर कोविड ऐप का विवरण दिखा रहा था। मंत्री ने इस बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि डेटा को बॉट द्वारा एक थ्रेट एक्टर डेटाबेस से एक्सेस किया गया जिससे ऐसा लगता है कि इसे पूर्व में चोरी किए गए डेटा के साथ जोड़ा गया है। ऐसा नहीं लगता कि कोविड ऐप या डेटाबेस में सीधे तौर पर सेंधमारी हुई है।
 
यह स्पष्टीकरण ऐसे वक्त आया है, जब कोविन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) के डेटा में सेंधमारी की खबरें आई हैं। सेंधमारी की वजह से कथित तौर पर कुछ ऐसी व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच की अनुमति मिली, जो लोगों ने टीकाकरण के लिए सरकार के पोर्टल पर दी थी। सोशल मीडिया पर कुछ खबरों और पोस्ट के अनुसार व्यक्ति का फोन नंबर, लिंग, पहचान पत्र, जन्म तिथि, आधार के अंतिम 4 अंक, साथ ही उस केंद्र का नाम जहां टीका प्राप्त किया गया था, की जानकारी लीक हुई है।
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी किया दावा : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कोविन प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत लाभार्थियों के डेटा में सेंध लगने का दावा करने वाली खबरें 'बेबुनियाद' हैं और उसने देश की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन से मामले में जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का का अनुरोध किया है।
 
मंत्रालय ने कहा कोविन पोर्टल डेटा गोपनीयता के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह से सुरक्षित है। मंत्रालय ने कहा कि कोविन के मौजूदा सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक आंतरिक कवायद शुरू की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविन पोर्टल से डेटा के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जहां उन लाभार्थियों का डेटा है जिन्हें कोविड-19 रोधी टीका लगाया गया।
 
मंत्रालय ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी सभी खबरें बेबुनियाद और शरारतपूर्ण प्रकृति की हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कोविन पोर्टल डेटा गोपनीयता के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि मंत्रालय ने कहा कि उसने भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) से इस मुद्दे पर गौर करने और एक रिपोर्ट जमा करने का अनुरोध किया है।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta

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