Hanuman Chalisa

कोरोना काल में सर्विस सेक्टर में हालात में थोड़ा सुधार, संकट बरकरार

Published: गुरुवार, 3 सितम्बर 2020 (15:08 IST)
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के कारण सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में जारी गिरावट अगस्त में कुछ थमी, लेकिन यह अभी भी संकुचन की अवस्था में बनी हुई है।
 
एक मासिक सर्वेक्षण ने गुरुवार को बताया कि महामारी के चलते प्रतिबंधों ने ग्राहकों की मांग और कारोबार के संचालन पर प्रतिकूल असर डाला है।
 
मौसमी रूप से समायोजित ‘भारत सेवा कारोबार गतिविधि सूचकांक’ अगस्त में बढ़कर 41.8 पर पहुंच गया। यह सूचकांक जुलाई में 34.2 था। यह मार्च में कोरोना वायरस महामारी के फैलाव के बाद सबसे अधिक है।
 
हालांकि, भारत में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अगस्त के दौरान लगातार छठे महीने संकुचन देखने को मिला।
 
आईएचएस मार्किट इंडिया के सर्विस पर्चेसिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई) के मुताबिक 50 से अधिक अंक का अर्थ है कि गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि 50 से कम अंक कमी या संकुचन को दर्शाता है।
 
आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री श्रीया पटेल ने कहा कि अगस्त के आंकड़े भारतीय सेवा क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण स्थितियों को दर्शाते हैं। घरेलू और विदेशी बाजारों में लॉकडाउन के प्रतिबंधों का इन गतिविधियों पर भारी असर पड़ा है।
 
सर्वेक्षण के मुताबिक कंपनियों ने कम व्यावसायिक गतिविधियों के कारण लगातार छठे महीने छंटनी की सूचना दी है। (भाषा)
 

Show comments

22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च

सड़कों पर Gen-Z हुंकार, सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी आंदोलन तक, दिल्ली- मुंबई में दिखा Gen-Z गर्ल्‍स की निडरता

Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

सभी देखें

प्रहलाद जोशी संभालेंगे धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं देश के नए शिक्षा मंत्री?

पटना में तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, जानिए पुलिस ने क्‍यों लिया यह एक्शन?

हम कॉकरोच हैं, आसानी से नहीं निकलेंगे! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP चीफ दीपके का बयान, 49 दिन चले आंदोलन का अंत

आखिर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे में इतना वक्त क्यों लगा? पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

अगला लेख