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MP में आज‌ से 9वीं से 12वीं तक‌ के स्कूल खुले, आज पैरेंट्स-टीचर मीटिंग ‌के साथ‌ लगेगी रेगुलर क्लास

Updated: शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020 (15:52 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण ‌के चलते पिछले करी‌ब‌ दस‌ महीने से‌ बंद‌‌ स्कूल आज से‌ फिर स्टूडेंट्स ‌से‌ गुलजार हो गए। आज से‌ प्रदेश के‌‌ सभी‌ निजी और सरकारी स्कूलों ‌में‌ 9 वीं‌ से 12 वीं तक‌ की क्लास रेगुलर रूप से‌ लगना शुरू हो जाएगी।
 
बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए प्रदेश के सभी‌ स्कूलों में दसवीं और बारहवीं की क्लास अब नियमित रूप से लगेगी। 
 9वीं एवं 11वीं के‌ क्लास के लिए विद्यार्थियों के नामांकन और क्लास की ‌उपलब्धता पर प्रिंसिपल पर निर्णय लेंगे।
 
आज पहले दिन पेरेंट्स- टीचर मीटिंग : आज से‌ खुल‌ रहे स्कूल में पहले दिन पेरेंट्स टीचर‌ मीटिंग होगी। पेरेंट्स- टीचर मीटिंग में हर‌ क्लास के‌ लिए अलग-अलग समय पर अभिभावकों को बुलाया ‌गया है। अभिभावकों के साथ विद्यार्थी के रिवीजन टेस्ट की कॉपी, प्राप्तांक एवं आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के संबंध में चर्चा की जाएगी,जो अभिभावक बैठक में नहीं आ सकेंगे उनके साथ ऑनलाइन चर्चा की जाएगी। 
 
इसके‌‌‌ साथ स्कूलों में‌ कोविड-19 के‌ प्रोटोकॉल‌ का‌ पालन करने के साथ प्रार्थना,असेंबली,खेल जैसी गतिविधियां नहीं होगी। लंच के दौरान छात्र अपनी कक्षाओं में ही रहेंगे। 
 
वर्तमान कोरोना परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सभी विद्यालयों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों प्रकार की कक्षाओं का संचालन होगा। विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति माता-पिता, अभिभावकों की सहमति पर निर्भर होंगी। माता-पिता अभिभावकों द्वारा एक बार दी गई सहमति पूरे सत्र के लिए मान्य होगी।
 
स्कूलों के लिए SOP : स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों के रि-ओपनिंग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया गया है। इस SOP में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिदिन विद्यालय में सभी शिक्षण संबंधी कार्य क्षेत्र, प्रयोगशालाओं, पीने के पानी और हाथ धोने के स्टेशनों, वॉशरूम, लैबोरेटरी और अन्य सामान उपयोग में आने वस्तुओं एवं क्षेत्रों को एक परसेंट सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से साफ और सैनिटाइज किया जाएगा। यह सैनिटाइजेशन विद्यालय में क्लास की शुरुआत से पहले और दिन के अंत में किया जाएगा।
 
विद्यालय में प्रवेश पर थर्मल स्क्रीनिंग, पल्स ऑक्सीमीटर और सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी। थर्मल और पल्स ऑक्सीमीटर स्कैनिंग के बाद ही विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। सभी विद्यार्थी शिक्षक और गैर शिक्षण कर्मचारी एक दूसरे से हर समय 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखेंगे और इन सभी के द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा। फेस मास्क, हैंड सेनीटाइजर आदि का उचित बैकअप स्टॉक रखा जाएगा।
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विकास सिंह
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