कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी,बच्चों के इलाज और ऑक्सीजन बेड बढ़ाने पर पूरा फोकस

कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर भी खतरा

Author विकास सिंह| Last Updated: सोमवार, 10 मई 2021 (09:57 IST)
भोपाल। कोरोना की संभावित तीसरी लहर का असर कम करने और बच्चों को इससे सुरक्षित रखने के लिए मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरु हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में के लिए अफसरों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को इंडियन कॉउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर कोरोना से मुकाबला करने के
लिए कार्ययोजना बनाने की बात कही है। कोरोना की तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए प्रदेश में एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर लिया गया है।

कोरोना के मुकाबला करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के प्रमुख रणनीतिकारों मे से एक भोपाल एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर सरमन सिंह कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कहते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर निश्चित तौर पर आएगी इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन यह लहर कैसी होगी इसके बारे में अभी कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता। वह कहते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर का असर बुजुर्गो और युवाओं के साथ बच्चों पर भी असर होगा। इसके पीछे वह तर्क देते हुए कहते हैं कि चूंकि अभी बच्चों को वैक्सीन नहीं लग रही है इसलिए उन पर असर देखने को मिल सकता है।

बच्चों के लिए 360 ICU बेड होंगे तैयार-कोरोना की तीसरी लहर में नवजात शिशुओं एवं बच्चों के संक्रमित होने की संभावना को देखते हुये प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 360 बिस्तर के बच्चों के ICU
को तैयार किया जा रहा है। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 बिस्तर का बच्चों का ICU तैयार किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में तैयार होने वाले यह बेड बड़ों के लिए उपलब्ध बेड से अलग होंगे।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सांरग के मुताबिक कोरोना संक्रमण में नवजात शिशु एवं बच्चों के इलाज के लिए जरुरी दवाएं, इंजेक्शन, कंज्यूमेंबल्स आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कोरोना की संभावित तीसरी लहर में कोविड मरीज़ों की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड तथा ICU/ HDU बेड बढ़ाए जा रहे है। प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में पहले चरण में 1267 बेड बढ़ाए जाएंगे जिसमें 767 ICU/ HDU बेड होंगे।

ऑक्सीजन बेड बढ़ाने पर पूरा फोकस-कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए प्रदेश के मंडला,डिंडोरी,बालाघाट, सिवनी एवं नरसिंहपुर जिले में ऑक्सीजन कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे। इनमें मंडला और बालाघाट में 100 बेड,डिंडोरी में 50 बेड,सिवनी में 60 बेड तथा नरसिंहपुर में 40 बेड सीसीसी बनाए जा रहे हैं, जिन पर ऑक्सीजन लाइन की सुविधा के अलावा हर बेड पर अधिक क्षमता के ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भी लगाए जाएंगे। साथ ही कुल 50 वैन्टीलेटर भी लगाए जाएंगे। वहीं देवास, धार,मंडला,होशंगाबाद,पन्ना,दमोह, छतरपुर,सीधी, भिंड,राजगढ़ एवं शाजापुर में पी.एस.ए. ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे है।

कोरोना की दूसरी लहर में हुए ऑक्सीजन संकट को देखते हुए प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 1000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर स्थापित किए जाएंगे। वहीं प्रदेश में अब तक कुल 94 ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत हुए हैं जिनमें से कुछ नहीं काम करना प्रारंभ कर दिया वहीं बाकी संयंत्रों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है




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