सोशल मीडि‍या ने अपने प्रिय कवि मंगलेश डबराल को दी श्रद्धांजलि

Manglesh dabral
Last Updated: गुरुवार, 10 दिसंबर 2020 (14:02 IST)
हिन्दी के प्रख्यात कवि, पत्रकार व साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित मंगलेश डबराल का बुधवार को कोरोनावायरस संक्रमण से निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। करीब 12 दिन पहले कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में आए डबराल ने एम्स में आखिरी सांस ली।
साहित्‍य जगत के इस दुखद मौके पर तमाम लेखकों, कवि और साहित्‍यकारों ने उन्‍हें सोशल मीडि‍या के माध्‍यम से श्रद्धांजलि दी।

कवि, लेखक कुमार अंबुज ने लि‍खा--
विदा एक कठि‍न शब्‍द है, अलविदा मंगलेश

लेखक असद जैदी ने लिखा—
मंगलेश नहीं रहे,

लेखक विनोद भारद्वाज ने लिखा---
मंगलेश जी का इस तरह से चले जाना बहुत दुखद है, उन्हें मैं तब से जानता था जब वह 19 साल के थे और काफलपानी से उन्होने मुझे एक मार्मिक पोस्टकार्ड लिखा था। हम दोनों लगभग हमउम्र थे और न जाने कितना वक्त मैंने उनके साथ बिताया। यह भी कुछ अजीब बात है कि विष्णु खरे का निधन उनके प्रिय कवि कुंवर नारायण के जन्मदिन पर हुआ और आज मंगलेश का निधन उनके प्रिय कवि रघुवीर सहाय के जन्मदिन पर हुआ। रोना-सा आ रहा है। बहुत कम ऐसा महसूस हुआ है।

कवि, लेखक ओम निश्‍चल ने लिखा—
अनुपस्‍थि‍ति का शोक।
साहित्य की एक बड़ी आवाज़ ओझल
सादर प्रणति। हार्दिक श्रद्धांजलि

लेखि‍का गीताश्री ने लिखा---
मंगलेश डबराल जी, अलविदा, कोरोना कितने अपनों की जान लेगा। यक़ीन नहीं हो रहा, अभी खबर देखी, दुख से भर गई। उनके साथ मेरी अनेक स्मृतियां हैं। ज़्यादा कुछ लिखा नहीं जाएगा अभी। मेरी श्रद्धांजलि।

लेखि‍का मनीषा कुलश्रेष्‍ठ ने लि‍खा,
दुखद समाचार मंगलेश डबरालजी की स्‍मृतियों को नमन, आज सब उदास, स्तब्ध हैं....मित्र, पाठक, परिचित, विरोधी तक। यह एक कवि का जाना है...

कवि और लेखक गीत चतुर्वेदी ने‍ लिखा—
अलविदा, मंगलेश जी! आप हम सभी के लिए प्रेरणा थे। आपकी कविताएं हमेशा हमारे साथ रहेंगी।

लेखक प्रभात रंजन ने लिखा, एक कवि हमेशा अपनी कविताओं के जरिए हम सबकी स्मृतियों में रहता है। नमन।

ठीक इसी तरह कवि और लेखक प्रेमशंकर शुक्‍ल, रश्‍मि भारद्वाज, प्रत्‍यक्षा, अविनाश मिश्र, यतीश कुमार, अनुशक्‍ति सिंह, बहादुर पटेल, मनीष वैद्य, मीना बुद्धि‍राजा, तिथि‍ दानी, अमित उपमन्‍यू, गौरव गुप्‍ता समेत कई नए दौर के कवियों और लेखकों ने भी अपने प्र‍िय कवि मंगलेश डबराल को उनकी तस्‍वीरों और कविताओं के साथ याद किया।



और भी पढ़ें :