डेल्टा वैरिएंट से बचने को न दें वैक्सीन की बूस्टर डोज, आखिर WHO ने ऐसा क्यों कहा? समझिए

पुनः संशोधित गुरुवार, 5 अगस्त 2021 (00:14 IST)
हमें फॉलो करें
संयुक्त राष्ट्र/ जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सितंबर के अंत तक कोरोनावायरस (Coronavirus) टीकों की बूस्टर खुराक पर रोक लगाने की बुधवार को अपील करते हुए गरीब और अमीर देशों के बीच टीकाकरण में विसंगति पर चिंता प्रकट की।
के महानिदेशक टेड्रोस अधोनम गेब्रेएसस ने जिनेवा में कहा कि अमीर देशों में प्रति 100 लोगों को अब तक टीके की करीब 100 खुराक दी जा चुकी है, जबकि टीके की आपूर्ति के अभाव में कम आय वाले देशों में प्रति 100 व्यक्तियों पर सिर्फ 1.5 खुराक दी जा सकी हैं।
ALSO READ:

India Update : कोरोनावायरस के नए मामलों में फिर उछाल, 24 घंटों में 42,625 नए मामले
उन्होंने कहा, हमें टीकों का बड़ा हिस्सा अधिक आय वाले देशों में जाने देने की नीति को फौरन बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, इसी के अनुरूप, डब्ल्यूएचओ बूस्टर खुराक दिए जाने पर कम से कम सितंबर के अंत तक रोक लगाने की अपील कर रहा है ताकि कम से कम 10 प्रतिशत आबादी को टीका लग जाए।
डब्ल्यूएचओ अधिकारियों ने कहा कि विज्ञान में अभी यह बात साबित नहीं हुई है कि टीके की दो खुराक ले चुके लोगों को बूस्टर खुराक देना कोरोनावायरस का प्रसार रोकने में प्रभावी होगा। डब्ल्यूएचओ ने बार-बार अमीर देशों से अपील की है कि वे विकासशील देशों तक टीकों की पहुंच में सुधार के लिए और कदम उठाएं।(भाषा)



और भी पढ़ें :