दारू की दीवानगी: कोई ‘इकोनॉमी’ को बूस्‍ट करने के लिए बोतल खरीदने आया, किसी ने कहा ‘पेग’ ही बचाएगा कोरोना से!

Delhi, lockdown, wine shop in delhi
Last Updated: सोमवार, 19 अप्रैल 2021 (15:15 IST)
किसी ने ठीक ही कहा है,देस मेरा रंगरेज ये बाबू, घाट- घाट पर घटता जादू।

दरसअल, देश की राजधानी दिल्‍ली में 6 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही वहां रेलवे स्‍टेशन पर पलायन के लिए और शराब की दुकानों पर शराब खरीदने के लिए लोगों की कतारें लगना शुरू हो गई है।

कई इलाकों में शराब की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लगभग हर दुकान पर सोशल डिस्‍टेसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। किसी कोई डर नहीं है, चिंता है तो सिर्फ इस बात की कि उन्‍हें शराब की बोतल मिल जाए।

पिछले साल की तरह इस साल भी लोग जरूरी समान खरीदने के लिए अपने-अपने घरों से निकले। इस दौरान समसे ज्यादा भीड़ दारू के ठेकों पर देखी गई। घोषणा होते ही शराब पीने वाले फौरन नजदीकी ठेके की तरफ दौड़ पड़े।

दरियागंज, गोल मार्केट, मालवीय नगर, लक्ष्मी नगर, लगभग हर जगह वैसा ही नज़ारा देखने को मिला जैसा पिछली बार लॉकडाउन के बाद शराब की दुकानें खोलने पर हुआ था। इस दौरान कई लोगों ने शराब की जरूरत को लेकर बेहद अनोखी बातें बताईं।

सोशल मीड‍िया में दिल्‍ली में दारु की दि‍वानगी को लेकर मीम्‍स चल रहे हैं। एक युवक ने बताया कि वो अपने लिए नहीं बल्कि अपने बॉस के लिए दारू खरीदने आया है, जहां वो नौकरी करता है, अगर नहीं आता तो बोस नाराज हो जाते। वहीं कुछ का कहना था कि कोरोना संकट में सरकार के पास रुपयों पैसों की किल्लत न हो, इसलिए वो देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग करने के लिए दारू खरीदने आए हैं।

कुछ लोगों का कहना था कि वे शराबी हैं और कोरोना उन पर असर नहीं करता। एक महिला का सोशल मीड‍िया में वीड‍ियो वायरल हा रहा है। ये महिला भी शराब खरीदने के लिए कतार में खड़ी नजर आईं। शिवपुरी गीता कॉलोनी स्थित एक दुकान के बाहर शराब खरीदने के लिए खड़ी महिला ने कहा कि उसे कोविड-19 का इंजेक्शन फायदा नहीं करेगा, अल्कोहल फायदा करेगा। महिला ने कहा कि उसे दवाओं से असर नहीं होगा, पेग से असर होगा।

महिला ने आगे कहा ‘शराब में अल्कोहल होता है, उसे कोरोना का इंजेक्शन फायदा नहीं करेगा, अल्कोहल फायदा करेगा। महिला ने कहा कि जो भी लोग शराब पीएंगे, वो सभी सही रहेंगे। दिल्ली में लॉकडाउन में शराब के ठेके खुलने चाहिएं। ठेके खुलने से वो डॉक्टरों के पास जाने से बच जाएंगे’

इन दृश्‍यों और जवाबों से एक बार फ‍िर साबि‍त हो गया है कि दिल्‍ली दिलवालों का शहर है। उन्‍हें न तो संक्रमण की चिंता है और न ही कोरोना के नियमों की। बस उन्‍हें चाहिए तो लॉकडाउन में पीने के लिए शराब की बोतल का स्‍टॉक।





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