भारत की वैक्सीन ने पूरी दुनिया को महामारी से बचाया: अमेरिकी वैज्ञानिक

पुनः संशोधित रविवार, 7 मार्च 2021 (23:17 IST)
ह्यूस्टन।दुनिया के शीर्ष संस्थानों के साथ मिलकर भारत में निर्मित कोविड-19 के टीके ने दुनिया को खतरनाक महामारी से बचाया है और देश के योगदान को कमतर नहीं समझा जाना चाहिए। यह बात अमेरिका के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने कही।
महामारी के दौरान दवा के क्षेत्र में व्यापक अनुभव एवं ज्ञान के कारण भारत को ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ कहा गया। दुनिया में सबसे बड़ा दवा निर्माता देश भारत है और ज्यादा संख्या में देशों ने कोरोनावायरस का टीका खरीदने के लिए इससे संपर्क किया है।
ह्यूस्टन में बायलोर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के नेशनल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के डीन डॉ. पीटर होटेज ने हाल में एक वेबिनार के दौरान कहा कि एमआरएनए के दो टीकों का दुनिया के कम एवं मध्यम आय वाले देशों पर प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन भारत के टीके ने ‘दुनिया को बचाया’ है और इसके योगदान को कमतर नहीं समझा जाना चाहिए।
वेबिनार ‘कोविड-19 : वैक्सीनेशन एंड पोटेंशियल रिटर्न टू नॉर्मल्सी - इफ एंड व्हेन’ में डॉ. होटेज ने कहा कि कोविड-19 के टीके का विकास वायरस से लड़ने में दुनिया को ‘भारत का तोहफा’ है।
भारत में खात्मे की ओर महामारी : केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि 'भारत में कोविड-19 महामारी खात्मे की ओर बढ़ रही है' और कोविड-19 टीकाकरण अभियान को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को टीके से जुड़े विज्ञान पर भरोसा और यह सुनिश्चित करना चाहिये कि उनके प्रियजनों को समय पर टीके लग जाएं।
हर्षवर्धन ने रविवार को धर्मशिला नारायण अस्पताल के सहयोग से आयोजित दिल्ली चिकित्सा संघ (डीएमए) के 62वें वार्षिक दिल्ली राज्य चिकित्सा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अब तक कोविड-19 के दो करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं और टीकाकरण दर बढ़कर प्रतिदिन 15 लाख हो गई है।

उन्होंने कहा कि 'दूसरे देशों के मुकाबले हमने कोविड-19 टीकों की तेजी से आपूर्ति की है, जो सुरक्षित हैं और उनकी प्रभावकारिता साबित हो चुकी है। प्रारंभिक परिणामों के आधार पर, भारत में निर्मित इन टीकों को दुनियाभर में लगाए जाने के बाद प्रतिकूल प्रभाव के बेहद कम मामले सामने आए हैं। '
उन्होंने कहा, 'भारत में कोविड-19 महामारी खात्मे की ओर बढ़ रही है। इस चरण में सफलता हासिल करने के लिये हमें तीन कदम उठाने की जरूरत है: कोविड-19 टीकाकरण अभियान को राजनीति से दूर रखें। कोविड-19 टीकों से जुड़े विज्ञान पर भरोसा करें और यह सुनिश्चित करें कि हमारे प्रिय जनों को समय पर टीके लगें।'



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