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Coronavirus का इलाज, 103 रुपए में मिलेगी टैबलेट

Updated: शनिवार, 20 जून 2020 (17:37 IST)
नई दिल्ली। दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कोविड-19 से मामूली रूप से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर को फैबिफ्लू ब्रांड नाम से पेश किया है। इसकी कीमत 103 रुपए प्रति टैबलेट होगी।
 
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह दवा 200 एमजी में उपलब्ध होगी। इसके 34 टैबलेट के पत्ते की कीमत 3,500 रुपए होगी।
 
कंपनी ने कहा कि फैबिफ्लू कोविड-19 के इलाज के लिए फेविपिराविर दवा है, जिसे मंजूरी मिली है। यह दवा चिकित्सक की सलाह पर 103 रुपए प्रति टैबलेट के दाम पर मिलेगी। पहले दिन इसकी 1800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी। उसके बाद 14 दिन तक 800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी।
 
कंपनी इन टैबलेट का उत्पादन अपने हिमाचल प्रदेश के बद्दी संयंत्र में कर रही है। यह दवा अस्पतालों के अलावा खुदरा चैनलों के जरिए भी उपलब्ध होगी।
 
मुंबई की कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि उसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) से इस दवा के विनिर्माण और विपणन की अनुमति मिल गई है।
 
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ग्लेन सल्दान्हा ने कहा कि यह मंजूरी ऐसे समय मिली है जबकि भारत में कोरोना वायरस के मामले पहले की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली काफी दबाव में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फैबिफ्लू जैसे प्रभावी इलाज की उपलब्धता से इस दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
 
सल्दान्हा ने कहा कि क्लिनिकल परीक्षणों में फैबिफ्लू ने कोरोना वायरस के हल्के संक्रमण से पीड़ित मरीजों पर काफी अच्छे नतीजे दिखाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह खाने वाली दवा है, जो इलाज का एक सुविधाजनक विकल्प है। उन्होंने कहा कि कंपनी सरकार और चिकित्सा समुदाय के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देशभर में मरीजों को यह दवा आसानी से उपलब्ध हो सके।
 
कंपनी ने कहा कि उसकी आंतरिक शोध एवं विकास टीम ने सफलतापूपर्वक इसका एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रिडिएंट (एपीआई) और फार्मूलेशन विकसित किया है।
 
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के अध्यक्ष भारतीय फार्मूलेशंस, पश्चिम एशिया और अफ्रीका सुजेश वासुदेवन ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमने फेविपिराविर पर इसलिए काम करने का फैसला किया क्योंकि इसे सार्स सीओवी2 वायरस पर प्रभावी पाया गया है। यह वायरस ही कोविड-19 महामारी की वजह है। ग्लेनमार्क फार्मा ने कहा कि मामूली संक्रमण वाले ऐसे मरीज जो मधुमेह या दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें भी यह दवा दी जा सकती है।
 
सल्दान्हा ने कहा कि यह खाने की दवाई है। ऐसे में जब अस्पताल के ढांचे पर दबाव हो, तो यह काफी लाभकारी साबित हो सकती है।
 
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में शनिवार को कोरोना वायरस के एक दिन में रिकॉर्ड 14,516 मामले सामने आए। अब देश में इस महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या 3,95,048 हो गई है। यह महामारी अब तक 12,948 लोगों की जान ले चुकी है। (भाषा)

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