Hanuman Chalisa

कोरोना महामारी में फीका नहीं पड़ेगा नवरात्रि का उल्लास, होंगे ऑनलाइन गरबे

रविवार, 11 अक्टूबर 2020 (17:09 IST)
इंदौर। कोविड-19 के प्रकोप ने देश में तीज-त्योहारों की सार्वजनिक रौनक फीकी कर दी है, लेकिन आयोजक सोशल मीडिया और सूचना तकनीक की मदद से महामारी की मुश्किलों का तोड़ निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
 
इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के उत्सवधर्मी शहर इंदौर में आगामी नवदुर्गोत्सव के दौरान ऑनलाइन गरबा कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है जिनमें प्रतिभागी अपने घरों से ही शामिल हो सकेंगे।

कलेक्टर मनीषसिंह ने सरकारी दिशा-निर्देशों के हवाले से रविवार को पीटीआई को बताया कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए इस बार नवदुर्गोत्सव में पारंपरिक तरीके से गरबा कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है।
 
इस बीच सरकारी दिशा-निर्देशों के मद्देनजर कुछ स्थानीय आयोजक ऑनलाइन गरबों की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
 
गरबा प्रशिक्षक आरती माहेश्वरी ने बताया कि कोविड-19 के संकट के चलते इन दिनों भीड़ जुटाना उचित नहीं है। लिहाजा, हम सोशल मीडिया पर सीधे (लाइव) प्रसारण के माध्यम से प्रतिभागियों को गरबों की नृत्य मुद्राएं सिखा रहे हैं।
 
उन्होंने बताया कि नवदुर्गोत्सव के दौरान इन प्रतिभागियों को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस ऐप के जरिये जोड़ा जाएगा और वे ऑनलाइन निर्देशों का पालन करते हुए तय समय पर अपने घरों में गरबा कर सकेंगे। इस दौरान गीत-संगीत का सजीव प्रसारण किया जाएगा और प्रतिभागी पारंपरिक गरबा परिधानों में नजर आएंगे।
 
माहेश्वरी ने कहा कि इस बार गरबा कार्यक्रम भले ही ऑनलाइन होंगे, लेकिन हमें प्रतिभागियों के त्योहारी उल्लास में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है।  बहरहाल, आयोजकों का एक तबका ऐसा भी है जो ऑनलाइन गरबों के नए रुझान को धार्मिक परंपराओं के लिहाज से सही नहीं मानता।
 
शहर के साकेत क्षेत्र में हर साल गरबा कार्यक्रम करने वाले नीरज याग्निक ने कहा कि सरकारी मनाही के कारण इस बार यह पारंपरिक आयोजन नहीं होगा और वे ऑनलाइन गरबों के पक्ष में कतई नहीं हैं।
 
उन्होंने कहा कि गरबा एक धार्मिक आयोजन है जो श्रद्धालुओं द्वारा दुर्गा देवी की विधि-विधान से स्थापित प्रतिमा के सामने किया जाता है। गरबे इसी पारंपरिक स्वरूप में किए जाने चाहिए।
 
इंदौर राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जिले में पिछले साढ़े 6 महीने में महामारी के कुल 29,067 मरीज मिले हैं। इनमें से 635 मरीजों की मौत हो चुकी है। (भाषा)

Show comments

400 साल पुरानी, 3000 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप नरवर किले से चोरी, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह पर शक

रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान

Balochistan Attack : बलूचिस्तान में सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर हमला, 45 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा, BLA ने ली जिम्मेदारी

राहुल गांधी के 'धुरंधर' पवन खेड़ा पहुंचे सोनम वांगचुक से मिलने, मोदी सरकार पर साधा निशाना

एक और खौफनाक कांड! पत्नी ने लाइव लोकेशन शेयर कर प्रेमी से करवाया पति का कत्ल

सभी देखें

बाबा अमरनाथ और वैष्णोदेवी यात्रा पर लगा ब्रेक, अगले आदेश तक रहेगी रोक, जानिए क्‍यों लिया यह फैसला?

दतिया उपचुनाव : भारत सिंह कुशवाह बोले- विकास के दम पर जीतेंगे, भाजपा को मिल रहा बड़ा समर्थन

समाधान दिवस में फरियाद लेकर पहुंचा 13 साल का अमिताभ, बोला- ताऊ ने मकान पर लगाया ताला, जांच में सामने आई हकीकत

CM मोहन यादव का 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' विजन विकास को दे रहा नई दिशा, जनता को ला रहा करीब

उद्धव ठाकरे को लगा तगड़ा झटका, शिंदे गुट में शामिल हुए 6 बागी सांसद, स्पीकर बिरला ने दी विलय को मंजूरी

अगला लेख