sundarkand
✕

कोरोना के आयुर्वेदिक उपचार पर शोध के लिए नई साझेदारी

Updated: मंगलवार, 5 जनवरी 2021 (16:12 IST)
नई दिल्ली, (इंडिया साइंस वायर) कोरोना संक्रमण से उपजी महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए जहां देश में वैक्सीन का ट्रायल द्रुत गति से चल रहा है, वहीं अन्य उपायों से भी इस बीमारी को मात देने के उपाय निरंतर खोजे जा रहे हैं।

इस दिशा में एक नयी पहल के अंतर्गत वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) से संबद्ध हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला सेंटर फॉर सेल्युलर ऐंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) और आर्य वैद्यशाला (एवीएस), कोट्टकल के बीच एक नयी साझेदारी की घोषणा की गई है। दोनों संस्थान मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आयुर्वेदिक नुस्खों की प्रभावोत्पादकता का परीक्षण करेंगे।

केरल के कोट्टकल स्थित आर्य वैद्यशाला (एवीएस) आयुर्वेदिक औषधियों के मामले में एक विश्वसनीय नाम है, जो विगत 118 वर्षों से आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में सक्रिय है। एवीएस 500 से अधिक आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन करता है। वहीं, सीसीएमबी देश का अग्रणी जैव विज्ञान पर केंद्रित शोध संस्थान है, जो अपनी प्रयोगशालाओं में कोरोना से जुड़े विभिन्न प्रयोगों-परीक्षणों में निरंतर जुटा हुआ है।

इस साझेदारी में एवीएस मानक आयुर्वेदिक नुस्खे (फॉर्मूलेशन) उपलब्ध कराएगा। वहीं, सीसीएमबी उस दवा का प्रयोगशाला में विकसित कोरोना वायरस रूपों के खिलाफ परीक्षण कर उसकी वायरस-प्रतिरोधी (एंटी-वायरल) क्षमताओं की पड़ताल करेगा। इस पहल पर सीसीएमबी के निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा है कि “यदि अपेक्षित परिणाम प्राप्त होते हैं, तो यह परियोजना भारत में दवा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगी।

भारत के पास प्राचीन ज्ञान का अपार भंडार है, परंतु उन प्राचीन ग्रंथों के आधार पर उनकी परख के लिए नियामक दायरे में उपयुक्त प्रक्रियाओं का अभाव है। ऐसे में कोरोना वायरस के खिलाफ मौजूदा लड़ाई में विभिन्न उपचार पद्धतियों का व्यापक परीक्षण अनिवार्य हो गया है। सीसीएमबी में, हमने प्रयोगशाला में विकसित कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित की जा रही दवाओं एवं उपकरणों के परीक्षण की व्यवस्था की है, और इसमें आयुर्वेदिक दवाओं के प्रभाव को भी परखा जा सकता है।”

एवीएस के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सीटी सुलेमान ने कहा है कि “सीसीएमबी के साथ हमने इसी उद्देश्य से हाथ मिलाया है कि आयुर्वेद के प्राचीन शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की मान्यता मिल सके। हमें उम्मीद है कि यह अध्ययन वर्तमान परिस्थितियों में उपयुक्त उपचार तलाशने में सहायक होगा। इस दिशा में सकारात्मक संकेत भी मिले हैं।”

Show comments

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कैसे 88 दिन में पूरी हुई जांच

Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

Stock Market Rally : शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,533 अंक उछला, निफ्टी में भी 375 अंकों की छलांग

सभी देखें

दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च से पहले बड़ा फैसला, 16-17 अक्टूबर को बंद रहेगा कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क

दिल्ली की रामलीला में 30 फुट के 'कॉकरोच' का होगा दहन, रावण-कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ जलेगा पुतला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मीडिया रिपोर्ट के आधार पर नहीं ले रहे संज्ञान, CJP प्रदर्शन मामले में केंद्र ने दी माफी पर सफाई

Voter List Update: 17 राज्यों में वोटर लिस्ट का रिवीजन करेगा चुनाव आयोग, 2027 में 18 साल के होने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन

'नारीशक्ति समर्थ तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल', मां स्कंदमाता के पूजन पर CM योगी का बड़ा संदेश

अगला लेख