Hanuman Chalisa

गुजरात के हीरा उद्योग पर Corona का कोई असर नहीं

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021 (19:20 IST)
सूरत। हाल में कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 की दूसरी लहर बढ़ने के साथ प्रवासी कामगारों के शहर छोड़कर गांवों की तरफ जाने के मामले में गुजरात के सूरत शहर के हीरा उद्योग का दावा है कि मौजूदा परिवेश का उसके कामकाज पर अब तक कोई असर नहीं पड़ा है।

ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि कोविड-19 के मामले बढ़ने और लॉकडाउन लगने की आशंका में प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में अपने गांवों की तरफ जाने लगे हैं। सूरत डायमंड एसोसिएशन के मुताबिक, सूरत शहर में 3000 के करीब छोटे और बड़े हीरा कारोबारियों द्वारा पांच लाख कर्मचारियों को काम पर रखा गया है।

यहां ज्‍यादातर प्रवासी मजदूर सौराष्ट्र और उत्तरी गुजरात के हैं जबकि केवल 10 प्रतिशत कामगार ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार से आते हैं। सूरत डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष नानू वेकारिया ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इन पांच लाख कर्मचारियों में से केवल पांच प्रतिशत ही हाल में अपने गांवों को गए हैं। इनमें गुजरात और गुजरात से बाहर दोनों जगह के कामगार हो सकते हैं।
ALSO READ: अब UP पर टूटा कोरोना कहर, 24 घंटे में 27 हजार 426 संक्रमित
वेकारिया ने कहा, कुछ प्रवासी मजदूर तो शादी-ब्याह और दूसरे सामाजिक कार्यों में शामिल होने के लिए गए हैं, जबकि कुछ लोग लॉकडाउन के डर से भी शहर छोड़कर गए हैं। वहीं कुछ अपने बीमार माता-पिता और संबंधियों की खोज-खबर लेने भी गए हैं।
ALSO READ: सीरम के सीईओ ने कहा- टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए अमेरिका हटाए निर्यात प्रतिबंध
उन्‍होंने कहा कि अब तक डायमंड पॉलिश उद्योग पर इसका कोई असर नहीं है।हीरे कटिंग और उसे पालिश करने वाले ज्यादातर उद्यमों में कामकाज जारी है। थोड़े-बहुत मजदूर गए हैं जैसे ही स्थिति सामान्य होगी वह भी लौट आएंगे। बहरहाल, अब तक हीरा उद्योग पर प्रवासी मजदूरों के पलायन का कोई असर नहीं है।(भाषा)

Show comments

क्‍या अनशन खत्‍म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्‍या बोली पत्‍नी?

इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का 'ऑपरेशन सिंदूर' से क्‍या है कनेक्‍शन?

मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?

CM मोहन यादव ने असंभव को किया संभव, UCC को कैबिनेट ने दी मंजूरी, जानें लिव-इन के लिए क्या हैं शर्तें?

Sonam Wangchuk Story : 3 Idiots के फुनसुख वांगडू से भी आगे है असली कहानी, जानिए कैसे बदली लद्दाख की तस्वीर

सभी देखें

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को मिली रफ्तार, यूपी के गांवों तक पहुंच रही बस सेवा

क्‍या अनशन खत्‍म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्‍या बोली पत्‍नी?

उत्तर प्रदेश में चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का 'ऑपरेशन सिंदूर' से क्‍या है कनेक्‍शन?

उत्तर प्रदेश बनेगा गो आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र, हर जिले में लगेंगे 1000 से अधिक बायोगैस प्लांट

अगला लेख