भारत बायोटेक की कोरोना कोवैक्सीन फाइनल स्टेज पर, पढ़िये कैसे दी जाएगी ये दवा

पुनः संशोधित मंगलवार, 17 नवंबर 2020 (00:28 IST)
हैदराबाद/न्यूयॉर्क। (Bharat Biotech) के कोविड-19 के टीके ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) का तीसरे चरण (Phase III) का परीक्षण शुरू हो गया है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला (Krishna Alla) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस बीच अमेरिका की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को न्यूयॉर्क में बताया कि उसका टीका कोविड-19 को लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में 94.5 प्रतिशत तक सफल है।

इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए एल्ला ने कहा कि कंपनी कोविड-19 के लिए एक और वैक्सीन पर काम कर रही है। यह नाक के जरिये दी जाने वाली ड्रॉप के रूप होगी। यह वैक्सीन अगले साल तक तैयार हो जाएगी।
एल्ला ने कहा, ‘हमने कोविड-19 के टीके के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ भागीदारी की है। इस टीके का तीसरे चरण का परीक्षण शुरू हो गया है।’

उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक दुनिया की एकमात्र टीका कंपनी है जिसके पास जैव सुरक्षा स्तर-3 (बीएसएल3) उत्पादन सुविधा है। पिछले महीने कंपनी ने कहा था कि उसने पहले और दूसरे चरण के परीक्षण का अंतरिम विश्लेषण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और वह 26,000 भागीदारों पर तीसरे चरण का परीक्षण शुरू करने जा रही है।
भारत बायोटेक कोवैक्सीन का विकास आईसीएमआर-राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के साथ भागीदारी में कर रही है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने 2 अक्टूबर को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के लिए अनुमति मांगी थी।

एल्ला ने कहा, ‘हम एक और वैक्सीन पर काम कर रहे हैं। यह नाक के जरिये दी जाने वाली ड्रॉप के रूप में होगी। मुझे लगता है कि अगले साल तक हम यह वैक्सीन आबादी को उपलब्ध करा पाएंगे।’
मॉडर्ना ने भी महामारी के खिलाफ जारी अभियान में उम्मीद जगाते हुए कहा कि उसका टीका 94.5 प्रतिशत तक प्रभावी पाया गया है। महज एक ही सप्ताह पहले फाइजर और बायोटेक ने कहा था कि उनका संभावित टीका 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी पाया गया है।

मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा, ‘कोविड-19 के हमारे संभावित टीके के विकास में यह एक महत्वपूर्ण पल है। हमने जनवरी की शुरुआत से इस वायरस पर काम किया है। हमारा उद्देश्य दुनिया में अधिक से अधिक लोगों को इस महामारी से बचाना रहा है। इसके साथ ही हम जान रहे थे कि हर एक दिन कीमती है।’ (भाषा)




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