biodatamaker

AIIMS की चेतावनी, Corona काल में खतरनाक हो सकता है मोबाइल फोन का उपयोग

Published: बुधवार, 20 मई 2020 (21:53 IST)
रायपुर। कोरोना योद्धा के रूप में चिकित्सक वायरस से संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन इस वायरस से खुद का बचाव भी जरूरी है। रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों के एक ग्रुप ने कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य संस्थानों में मोबाइल फोन के प्रयोग को बैन करने की अनुशंसा की है। समूह ने चेतावनी दी कि ऐसे उपकरण वायरस के वाहक हो सकते हैं और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमित कर सकते हैं।
 
बीएमजे ग्लोबल हेल्थ जर्नल में छपे एक लेख में चिकित्सकों के समूह का कहना है कि मोबाइल फोन की सतह एक विशिष्ट उच्च जोखिम वाली सतह होती है, जो सीधे चेहरे या मुंह के संपर्क में आती है। भले ही हाथ अच्छे से धुले हुए क्यों न हों।

महामारी काल में अस्पतालों में मोबाइल फोन के प्रयोग पर पाबंदी लगानी चाहिए। एक रिचर्स के मुताबिक कुछ स्वास्थ्यकर्मी हर 15 मिनट से 2 घंटे के बीच अपने फोन का प्रयोग करते हैं।

मोबाइल को धोया नहीं जा सकता, इसलिए इसके संक्रमित होने की आशंका ज्यादा होती है। मोबाइल फोन के कारण हाथों के साफ होने का मतलब नहीं रहता है। कई मामलों में सामने आया है कि मोबाइल रोगजनक विषाणुओं के लिए संभावित कैरियर बन रहे हैं।

Show comments

कालीघाट मंदिर में BJP CM शुभेंदु अधिकारी ने खाया Fish Bhog

BRICS Summit 2026 : PM मोदी और पुतिन की अहम मुलाकात, डिफेंस और एनर्जी सहयोग पर अहम फैसले

Electric Scooter : 1.18 लाख में 132 किमी की रेंज! Kinetic DX Plus का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, फीचर्स भी दमदार

8 लाख रुपए तक सस्ती Mahindra XEV 9S और XEV 9e, क्या BaaS में EV खरीदना फायदे का सौदा है?

अमेरिका में बड़ा चुनावी दांव: ट्रंप का ऐलान- हर वयस्क नागरिक को मिलेंगे 5000 डॉलर

सभी देखें

Indore में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर सियासी घमासान, आयोजन स्थल के लिए कांग्रेस ने चुकाए 10 लाख रुपए

ट्रम्प को भारत का कड़ा संदेश : पुतिन, शी जिनपिंग और पेजेशकियन संग मोदी ने बनाया नया ग्लोबल समीकरण

Nagpur में SBI बैंक से 4 लाख रुपये की लूट, कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार

BRICS Summit 2026 : कल दिल्ली में क्या-क्या रहेगा बंद और चीनी राष्ट्रपति के दौरे का भारत पर असर

यूपी में 1600 करोड़ से अधिक की 65 परियोजनाओं से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर

अगला लेख