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अधीर रंजन चौधरी का केंद्र पर निशाना, बिना तैयारी के लागू किया Lockdown

Updated: मंगलवार, 14 अप्रैल 2020 (19:28 IST)
कोलकाता। कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए अपनी सरकार के कदमों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बचाव किए जाने के बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र ने महामारी के शुरुआती दिनों में समय बर्बाद किया और लॉकडाउन जल्दबाजी में लागू की गई।
 
उन्होंने मोदी से आग्रह किया कि वह अपनी खुद की पीठ थपथपाने के बजाय महामारी से लड़ने के प्रयासों के लिए राज्यों को श्रेय दें जो स्थिति से निपटने में अधिक सक्रिय रहे हैं।
 
उन्होंने जोर दिया कि कोरोना वायरस संकट के बीच सहयोगात्मक संघवाद की ताकत सामने आई है, जिसमें विभिन्न दलों के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री एकजुट होकर काम करते हैं।

चौधरी ने कहा कि भाजपा को सभी आलोचनाओं को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।  कोविड-19 का पहला मामला चीन में दिसंबर की शुरुआत में आया था। जनवरी में इसका प्रसार होने लगा। कई देशों ने इससे निपटने के लिए प्रतिबंध लगाए, लेकिन हमारी सरकार ने इस दिशा में बहुत ध्यान नहीं दिया।
 
उन्होंने कहा कि केंद्र ने जनवरी और फरवरी में अपना कीमती समय बर्बाद किया। एहतियाती कदम पहले ही उठा लिए गए होते तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। हालांकि चौधरी ने स्वीकार किया कि भारत कई अन्य विकसित देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
 
चौधरी ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र को काफी कुछ करने की जरूरत है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) सुचारू रूप से काम करे और संकट में पड़े हर व्यक्ति को अनाज मिले।
 
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि केंद्र ने पर्याप्त तैयारी के बिना लॉकडाउन लागू किया। उन्होंने कहा कि कई देशों ने लॉकडाउन की घोषणा करने से पहले, तीन-चार दिनों का समय दिया लेकिन भारत में कुछ ही घंटे दिए गए। 
 
उन्होंने कहा, इस संकट से निपटने में राज्य अधिक सक्रिय रहे हैं। कई राज्यों ने केंद्र के पहले ही लॉकडाउन लागू कर दिया था। केंद्र सरकार ने बिना तैयारी के बंद की घोषणा कर दी जिससे हजारों प्रवासी मजदूरों को असुविधा हुई और लोगों ने घबराहट में खरीदारी की।
 
पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से पांच बार के लोकसभा सदस्य चौधरी ने कहा कि अगर केंद्र 25 मार्च से कुछ सप्ताह पहले ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रोक देता और लॉकडाउन लागू करता तो आज स्थिति बहुत बेहतर होती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराए जाएं और हर जगह ज्यादा संख्या में परीक्षण किए जाएं।
 
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से आर्थिक पुनरुद्धार के लिए उचित खाका पेश करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि देश में लाखों लोगों के रोजगार छिन गए हैं। उनके पास नकदी और अन्य संसाधनों की कमी है। सरकार को इससे निपटने के लिए एक रोडमैप तैयार करना चाहिए। (भाषा)

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