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Easter: ईसाई धर्म के लोग ईस्टर संडे क्यों मनाते हैं क्या करते हैं इस दिन?

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 4 अप्रैल 2026 (15:53 IST)
Easter Sunday: ईस्टर संडे हर साल वसंत ऋतु में आता है और इसके उत्सव में चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं, गाने, पूजा और भव्य जश्न शामिल होते हैं। यह दिन प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के प्रतीक है। इस दिन परंपरा है कि बच्चे और परिवार सदस्य ईस्टर अंडे सजाते हैं और ईस्टर बास्केट बनाकर खुशियां बांटते हैं। ईस्टर संडे न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल का भी प्रतीक है।ALSO READ: Good Friday: गुड फ्राइडे से जुड़ी 6 खास परंपराएं जानिए
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  • ईस्टर संडे क्यों मनाया जाता है?
  • इस दिन क्या किया जाता है? परंपराएं और रीति-रिवाज
 
इस वर्ष ईस्टर संडे 5 अप्रैल 2026, रविवार को मनाया जा रहा है। ईस्टर संडे के माध्यम से लोग अपने जीवन में आशा, प्रेम और अच्छाई के संदेश को साझा करते हैं। यह दिन ईसाई धर्म में आत्मा की शुद्धि, विश्वास और एकता को बढ़ावा देता है। आइए यहां जानते हैं...
 

ईस्टर संडे क्यों मनाया जाता है?

बाइबल के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। उनकी मृत्यु के तीसरे दिन यानी रविवार को वे फिर से जीवित हो उठे थे। यह दिन बुराई पर अच्छाई और मृत्यु पर जीवन की जीत या पुनर्जन्म का प्रतीक है। ईसाइयों के लिए यह दिन इस बात का प्रमाण है कि मृत्यु ही अंत नहीं है, बल्कि ईश्वर में विश्वास रखने वालों के लिए शाश्वत जीवन का द्वार है
 

इस दिन क्या किया जाता है? परंपराएं और रीति-रिवाज

ईस्टर मनाने के तरीके धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक उल्लास का मिश्रण हैं:
 
विशेष चर्च प्रार्थना (Sunrise Service): कई जगहों पर लोग सूरज उगने से पहले चर्च में इकट्ठा होते हैं। इसे 'सनराइज सर्विस' कहा जाता है, जो यीशु के जी उठने की सुबह को याद दिलाता है। चर्चों को फूलों और मोमबत्तियों से सजाया जाता है।
 
ईस्टर एग्स (Easter Eggs): ईस्टर पर अंडों का विशेष महत्व है। अंडा 'नए जीवन' का प्रतीक माना जाता है। लोग अंडों को चमकीले रंगों से सजाते हैं, उन्हें एक-दूसरे को उपहार में देते हैं या चॉकलेट के बने अंडे बच्चों को बांटते हैं।
 
ईस्टर बनी (Easter Bunny): लोकप्रिय संस्कृति में 'ईस्टर बनी' (खरगोश) खुशहाली और प्रजनन क्षमता का प्रतीक है। बच्चों के लिए 'एग हंट' (Egg Hunt) का आयोजन किया जाता है, जहां वे छिपे हुए अंडों को ढूंढते हैं।
 
विशेष भोज (Feast): ईस्टर से पहले 40 दिनों का उपवास (Lent) रखा जाता है। ईस्टर के दिन यह उपवास समाप्त होता है, इसलिए लोग परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर शानदार दावत का आनंद लेते हैं। इसमें विशेष केक और पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं।
 
नए कपड़े और दान: लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं, जो नई शुरुआत को दर्शाते हैं। साथ ही, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना भी इस त्योहार का एक अहम हिस्सा है।
 
संक्षेप में कहा जाए तो अगर गुड फ्राइडे दुख और बलिदान का दिन है, तो ईस्टर संडे जश्न, आशा और अटूट विश्वास का दिन है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों है खास दिन, क्या करते हैं ईसाई लोग इस दिन?

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