Hanuman Chalisa

ओम पुरी : 2010 अनुकूल रहेगा

पन्ना एवं नीलम का संयुक्त लॉकेट पहनें

Updated: बुधवार, 1 अक्टूबर 2014 (22:17 IST)
PR

जन्म 18 अक्टूबर 1950, अंबाला (हरियाणा)

ओम पुरी का जन्म जिस समय हुआ उस समय की सूर्य स्थिति अनुसार ही उनका भाग्य उदय हुआ। सूर्य के प्रभाव के कारण ही धन, सत्कार्य में लाभ है। कुंडली में जो चंद्र की स्थिति है उसके प्रभाव से ही ओम पुरी उच्च स्थान पर हैं एवं हर स्थिति से संपन्न होकर जीवन बिता रहे हैं।

धनु राशि का चंद्रमा कुंडली होने से ही ओम पुरी कलाकार बने एवं आर्थिक संपन्न हुए। पुरी की कुंडली में भौम जिस स्थान पर विराजमान है, प्रभाव के कारण उनकी मेहनत से ही ऐश्वर्य, प्रसिद्धि और धन प्राप्त है। वृश्चिक का धनु ओम पुरी को भ्रमणशील भी बनाता है। ओम पुरी की कुंडली में बुध जिस राशि पर विराजमान है, उसके परिणाम स्वरूप ही ओम पुरी अपनी मेहनत एवं बुद्धि के आधार पर सुख-समृद्धि पा सके।

कुंडली में बुध जिस स्थान पर बैठा है, उसके प्रभाव से ऐसा व्यक्ति दूसरों के हर कार्य में सहयोग करता है पर स्वयं रोगी होता है। पुरी की कुंडली में गुरु ऐसी जगह विराजमान है जिसके कारण परिश्रम करते हुए भी सफलता पाने में अड़चनें आती हैं। गुरु ऐसी स्थिति जातक को विलासी भी बनाती है।

गुरु, कुम्भ राशि पर विराजमान है जो ओम पुरी को धन-सम्पदा का सुख प्रदान करता है परंतु वर्तमान में मानसिक परेशानी उत्पन्न होगी। कुंडली में शुक्र की जो स्थिति है, वह पुरी को श्रेष्ठ कार्य को करने की प्रेरणा देती है। धन श्रेष्ठ कार्य में ही खर्च होता है। जिस समय पुरी का जन्म हुआ, शुक्र-कन्या राशि पर भ्रमण कर रहा था जिसके परिणाम स्वरूप आर्थिक संपन्न आती है। जन्म के समय शनि की स्थिति के कारण ओम पुरी आज फिल्मों में उच्च स्थान पा सकें।

शनि ही पुरी को मानसिक चिंता देता है। राहु के प्रभाव के कारण जातक स्वजनों से दूर रखता है।

राहु की स्थिति के कारण लीवर संबंधित पीड़ा हो सकती है। वर्तमान में ओमपुरी को शनि की महादशा चल रही है। जिसकी अवधि 19 वर्ष है। जिसका समय काल 14-10-2006 से 14-10-2025 तक रहेगा। जिसमें बुध की अंतर दशा 17-10-2009 से 26-06-2012 तक रहेगी।

ओम पुरी को शनि की शांति कराना चाहिए। इसके बाद केतु की अंतरदशा 26-06-2012 से 5-8-2013 रहेगी। इस अवधि में पुरी को स्नान के जल में नागरमोथा डालना चाहिए। शनि महादशा में शुक्र की अंतरदशा 5-8-2013 से 5-10-2016 तक रहेगी। इन दिनों में ओम को शारीरिक कष्ट के योग हैं। अपने स्वास्थ्य का पूर्ण ध्यान रखें।

ओम पुरी को किसी ‍कन्या को सफेद चंदन, चावल, शकर एवं चाँदी का दान करना चाहिए। वर्तमान में 2010 आपके अनुकूल रहेगा। ओम पुरी को पन्ना एवं नीलम का संयुक्त लॉकेट पहनना चाहिए।

विशेष : ओम पुरी को दिनांक 3, 8 एवं शुक्रवार को बड़े कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।

लेखक के बारे में
पं. सुरेन्द्र बिल्लौरे
Show comments

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

सभी देखें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 जुलाई, 2026)

28 July Birthday: आपको 28 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 जुलाई 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

श्रावण माह में पार्थिव शिवलिंग पूजन का क्या है महत्व?

Kokila Vrat 2026: कोकिला व्रत क्या होता है, क्यों करते हैं इसे, जानें कथा, मुहूर्त, विधि और महत्व