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आडवाणी : अभी पीएम बनने के योग नहीं

भारतीय जनता पार्टी
PTI
भारतीय जनता पार्टी के शिखर पुरुष और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की राह वर्ष 2009 में आसान नहीं है। पार्टी में लौह पुरुष माने जाने वाले इस महारथी के वर्ष 2009 में प्रधानमंत्री बनने की संभावना नहीं के बराबर है। उनकी जन्मतिथि के अनुसार उनकी कुंडली का गहन अध्ययन करने पर यह पता चलता है। अत: उन्हें राहु की शांति कराना चाहिए।

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म सिद्धि योग में हुआ है एवं अश्विनी नक्षत्र में। ऐसा व्यक्ति भाग्यवान, कुशल, मोटे शरीर वाला और धनाढ्‍य होता है। ये सभी विशेषताएँ आडवाणी में हैं। आडवाणी की कुंडली में चंद्र जिस स्थिति में विराजमान है, उस हिसाब से जातक महत्वाकांक्षी और दौड़-धूपकर लाभ कमाने वाला होता है। भौम के कारण आडवाणी प्रबल पराक्रमी होते हुए भी कार्यों की विफलता के कारण दु:खी और चिंतित रहते हैं।

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आडवाणी का जिस समय जन्म हुआ, तब गुरु मीन राशि पर विराजमान थे। उसी वजह से आज भी लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के विशेष पद पर विराजमान हैं, परंतु ऐसे व्यक्ति को अपने ममसाल (मामा के पक्ष) से सुख नहीं मिल पाता है। लालकृष्ण आडवाण‍ी के जन्म के समय शुक्र की स्थिति के अनुसार या शुक्र की वजह से आर्थिक रूप से सुखी हैं, परंतु क्रीड़ा-कौतुक अधिक पसंद करते हैं। इसकी वजह से कई बार उल्टे-सीधे बयान देने पर आडवाणी अपना गुण व कीर्ति का ह्रास करते हैं।

इसी प्रकार उनके जन्म के समय शनि की ‍स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि शनि के विराजित स्थान के अनुसार और उसके प्रभाव से आडवाणी कटुभाषी हैं। मित्रों और स्वजनों से भी कटुभाषा में व्यवहार करते हैं। राहु की स्थिति के अनुसार उन्हें वायु तथा रक्त संबंधी रोग घेरे रहते हैं। जबकि निंदित होते हुए भी सम्मान पाते हैं।

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वर्तमान समय के अनुसार देखें तो इनकी राशि पर गुरु की महादशा 20 अक्टूबर 1993 से चल रही है। यह 20 अक्टूबर 2009 तक रहेगी। इसी समय गुरु की महादशा में राहु की अंतरदशा 26 मई 2007 से प्रारंभ हुई है, जो 20 अक्टूबर 2009 तक रहेगी। यह दशा उनके सर्वोच्च पद पर पहुँचने में बाधक है।

अत: लालकृष्ण आडवाणी के उच्च पद यानी प्रधानमंत्री पद पर विराजमान होने की संभावना नहीं है। इसके लिए उन्हें राहु शांति कराना चाहिए। इसके बाद शनि महादशा 20 अक्टूबर 2009 से 20 अक्टूबर 2028 तक रहेगी।

लालकृष्ण आडवाणी के लिए ‍रविवार तथा सोमवार शुभ है। इस दिन ‍शुभ कार्य करना चाहिए। शनिवार सर्वोच्च तथा शानदार सफलता दर्शाता है। इस दिन आडवाणी ने विशेष रैली अथवा प्रचार के लिए जाना चाहिए। गुरुवार कोई नया कार्य नहीं करें। लाल, भगवा और सफेद रंग शुभ है। हमेशा धारण करें, परंतु पीले रंग का परित्याग करें। 2, 4, 6 अंक शुभ हैं, परंतु 5 का अंक हानि दे सकता है। 3 अंक वाले से शत्रुता रहेगी।

कार्तिक में लंबी यात्रा न करे
लालकृष्ण आडवाणी को कार्तिक माह में लंबी यात्रा नहीं करना चाहिए। रविवार को किसी उच्च अधिकारी से नहीं मिलना चाहिए। इसी तरह प्रथम प्रहर में और जिस दिन मेष का चंद्रमा हो उस दिन लंबी यात्रा और राज्याधिकारी से मिलना उचित नहीं है।

अक्टूबर अंतिम सप्ताह तक विरोधी पक्ष के आरोपों से परेशान रहेंगे। लेकिन स्वयं के निर्णय से मुक्त होंगे। सोचा कार्य हो जाने से मन प्रसन्न रहेगा। आगामी चुनाव में बुद्धि बल से अच्छा लाभ मिलेगा, परंतु भाषा पर विशेष ध्यान रखें। विरोध व संघर्ष का सामना करना पड़ेगा। आपकी आशा निराशा में परिवर्तित हो सकती है।

सूर्य आपको हानि पहुँचा सकता है। अत: सूर्य आराधना करें या ॐ घृणि सूर्याय नम: बोलकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसी प्रकार भौम से भी सावधान रहें, यह आपका संपर्क गलत लोगों से करा सकता है। गुरु की आराधना करना आवश्यक है। वर्तमान में आप मोती धारण करें।
लेखक के बारे में
पं. सुरेन्द्र बिल्लौरे