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द व्हाइट टाइगर : फिल्म समीक्षा

सोमवार,जनवरी 25, 2021
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राजनीति में सभी रंग देखने को मिलते हैं। षड्यंत्र, हत्या, दोस्ती-दुश्मनी, मौकापरस्ती, आपसी रिश्ते, सत्ता का नशा जैसी कई बातें इसमें शामिल हो सकती हैं और ये एक वेबसीरिज को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त मसाले हैं, इसके बावजूद अली अब्बास ज़फर की सीरिज ...
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अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवाने उन भारतीय फिल्मकारों में से हैं जो हमेशा नए प्रयोग करने के लिए उत्सुक रहते हैं और जोखिम भी उठाते हैं। कई बार इनके प्रयोग सराहनीय रहते हैं तो कभी-कभी विफल भी हो जाते हैं। ऐसी ही एक प्रयोगात्मक फिल्म 'एके वर्सेज ...
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1995 में गोविंदा और करिश्मा कपूर को लेकर डेविड धवन ने ‘कुली नं. 1’ फिल्म बनाई थी। यह कोई महान फिल्म नहीं थी जो इसका 25 वर्ष बाद रीमेक बनाया जाए। हां, सफल जरूर थी। 25 वर्ष बाद यदि रीमेक बनाया जा रहा है तो समय अनुसार बदलाव जरूरी है। 25 वर्षों में न ...
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सिनेमाघरों में इस समय इक्का-दुक्का फिल्में ही रिलीज हो रही हैं और इस सप्ताह किआरा आडवाणी की इंदू की जवानी रिलीज हुई। स्टोरी लाइन तो ठीक-ठाक है, लेकिन फिल्म इतनी कमजोर बनी है कि झेलना मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर दूसरा हाफ तो बर्दाश्त के बाहर है। ...
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दुर्गामति की कहानी, स्क्रीनप्ले और निर्देशन की तिहरी जिम्मेदारी अशोक ने निभाई है, और इस भार को उठाने में वे लड़खड़ा गए हैं। फिल्म का प्लॉट अच्छा है, लेकिन इस पर खड़ी स्क्रीनप्ले और निर्देशन की इमारत इतनी कमजोर है कि फिल्म भरभरा कर गिर गई है। ...
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पिता द्वारा अपनी संतान पर अपनी इच्छा थोपने को लेकर बॉलीवुड में कुछ फिल्में बनी हैं और इट्स माय लाइफ इस कड़ी में एक और फिल्म है। इट्स माय लाइफ वर्षों से अटकी पड़ी थी। इस फिल्म के हीरो हरमन बावेजा को लोग भूल चुके हैं और हीरोइन जेनेलिया डिसूजा अब ...
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उत्तर प्रदेश/ बिहार की पृष्ठभूमि में सेट की गई अपराध कथाएं इन दिनों हर दूसरी वेबसीरिज में देखने को मिल रही है। सभी मिर्जापुर नामक सफल और लोकप्रिय वेबसीरिज से प्रेरित लगती हैं। इनके किरदार रंगीन होते हैं जिसकी वजह से प्रेम-कथाएं और अंतरंग दृश्यों को ...
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अनुराग बसु उन फिल्मकारों में से हैं जिनका कहानी को पेश करने का तरीका जटिल होता है। वे दर्शकों को सब कुछ आसानी से नहीं परोसते हैं बल्कि चाहते हैं कि दर्शक अपना दिमाग फिल्म में लगाए। कहानी पर उनका प्रस्तुतिकरण हमेशा भारी रहता है, लेकिन केवल इसी वजह से ...
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लक्ष्मी इस जॉनर की ताजा फिल्म है़, लेकिन यह निराश करती है। यह हिट तमिल फिल्म 'कंचना' का हिंदी रीमेक है जो कि टेलीविजन पर कंचना कई बार दिखाई जा चुकी है। 'लक्ष्मी' में कॉमेडी-हॉरर के साथ-साथ इमोशन और मैसेज भी हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि ये सभी बिना ...
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तैश में या गुस्से में आकर किया गया फैसला व्यक्ति के लिए हानिकारक ही सिद्ध होता है, ये बात हम लगातार सुनते आए हैं। 6 एपिसोड्स की सीरिज 'तैश' में दिखाया गया है कि सनी ललवानी (पुलकित सम्राट) अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाता है। जब वह सुनता है कि उसके ...
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मिर्जापुर अमेजन प्राइम वीडियो की ओरिजनल भारतीय वेबसीरिज है जिसका सीजन 2018 में देखने को मिला औरभारतीय दर्शक चमत्कृत रह गए। इस एक्शन क्राइम थ्रिलर ने दर्शाया कि भारतीय समाज को अपराधियों और राजनेताओं की सांठगांठ किस तरह खोखला कर रही है। ये दीमक की तरह ...
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Sadak 2 movie review in Hindi, Sanjay Dutt, Alia Bhatt, Mahesh Bhatt : 1991 में रिलीज हुई सड़क कोई ऐसी महान फिल्म नहीं है कि उसका सीक्वल बनाया जाए, लेकिन 21 साल बाद फिल्म निर्देशन में लौटे महेश भट्ट कुछ नया करने का आत्मविश्वास नहीं जुटा पाए और ...
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गुंजन सक्सेना - द कारगिल गर्ल की शुरुआत में ही बता दिया गया है यह फिल्म गुंजन सक्सेना के जीवन से प्रेरित है। मतलब साफ है क‍ि सिनेमैटिक लिबर्टी के नाम पर कुछ काल्पनिक प्रसंगों को भी संभवत: जोड़ा गया है। इससे फिल्म देखते समय मन में हमेशा संदेह रहता है ...
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पिछले कुछ समय में ऐसी फिल्में लगातार देखने को मिल रही है जब आर्थिक संकट से जूझ रहे इंसान को अचानक करोड़ों रुपये मिल जाते हैं। लूटकेस भी इस कड़ी को आगे बढ़ाती है। प्रिटिंग प्रेस में काम करने वाला नंदन कुमार (कुणाल खेमू) अपने बच्चे और पत्नी की ...
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फिल्म की शुरुआत में ही कह दिया गया है कि यह किसी की बायोग्राफी या डॉक्यूमेंट्री नहीं है, बल्कि कुछ सत्य घटनाओं से प्रेरित है, इसलिए शंकुतला देवी को बायोपिक मानना गलत होगा। इससे मन में एक संदेह भी पैदा हो जाता है कि स्क्रीन पर जो दिखाया जा रहा ...
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फिल्म रात अकेली है एक हत्या की गुत्थी को सुलझाने की कहानी है। इस तरह की मर्डर मिस्ट्री तब अच्छी लगती है जब दर्शकों को हत्यारे तक पहुंचने की यात्रा में मजा आए। मजा तब दोगुना हो जाता है जब मन में उठ रहे प्रश्नों और हत्या क्यों की गई इसका वाजिब जवाब ...
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यह प्रभाव पैदा करने में मुकेश छाबड़ा 'दिल बेचारा' में असफल रहे हैं। दर्शकों का इस फिल्म से इसलिए इमोशनल जुड़ाव है क्योंकि फिल्म के हीरो सुशांत सिंह राजपूत फिल्म रिलीज होने के 40 दिन पहले इस दुनिया को अलविदा कह गए। वे इस फिल्म को देख सुशांत को ...
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अच्छा आइडिया तब अपना असर खो देता है जब वह विश्वसनीय नहीं होता है। इसी बात का शिकार अमेज़न प्राइम की नई सीरिज ब्रीद : इनटू द शैडोज़ है। डा. अविनाश सबरवाल (अभिषेक बच्चन) की 6 साल की बेटी सिया का अपहरण हो जाता है। 9 महीने तक अपहरणकर्ता किसी तरह से ...
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365 डेज़ : फिल्म समीक्षा

मंगलवार,जुलाई 7, 2020
नेटफ्लिक्स पर भारत ही नहीं बल्कि कई देशों में पोलिश फिल्म '365 डेज़' खूब देखी जा रही है। इसकी एक प्रमुख वजह यह हो सकती है कि फिल्म में बोल्ड दृश्यों की भरमार है। हीरो-हीरोइन कई बार रति-क्रिया करते हुए नजर आते हैं। इसके अलावा फिल्म देखने का कोई ...
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