मर्दानी 2 : फिल्म समीक्षा

समय ताम्रकर| पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019 (15:09 IST)
चुलबुल पांडे के रूप में सलमान खान और सिंघम के रूप में अजय देवगन पुलिस ऑफिसर बन कर लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। दबंग और सिंघम को सीरिज के रूप में लगातार बढ़ाया जा रहा है। हीरोइनों में यह काम रानी मुकर्जी कर रही हैं।

पुलिस ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय बन कर रानी ने मर्दानी ने उन लोगों की खबर ली थी जो लड़कियों को उठाकर उन्हें वेश्वयावृत्ति में धकेल देते हैं या बेच देते हैं। में शिवानी रॉय, सनी नामक साइको-रेपिस्ट-मर्डरर को ढूंढने निकल पड़ती है जिसने कोटा में दहशत फैला रखी है।

मर्दानी में विलेन को बहुत ही चालाक दिखाया गया था जो कि पुलिस से एक कदम आगे रहता है और पुलिस को उसे पकड़ने में पूरा जोर लगाना पड़ता है।

मर्दानी 2 में भी इसी बात को दर्शाया गया है। सनी की उम्र बहुत कम है, लेकिन वह बहुत चालाकी से अपने अपराधों को अंजाम देता है। साथ ही वह शिवानी को लगातार चुनौती देता रहता है कि वह उसे पकड़ कर दिखाए।

सनी को उन महिलाओं से सख्त नफरत है जो मॉडर्न हैं। बड़े पदों पर हैं और पुरुषों की बॉस हैं। इस कारण शिवानी से भी वह नफरत करता है।

फिल्म की कहानी में कुछ नया नहीं है। पुलिस और अपराधी की लुकाछिपी हम पहले भी बहुत देख चुके हैं। मर्दानी 2 की सबसे बड़ी खामी यह है कि इसकी कहानी विश्वसनीय नहीं लगती। जिस तरह से सनी लगातार अपराध करता है उन पर यकीन नहीं होता।

शिवानी के घर में बड़े आराम से सनी घुस जाता है। क्या शिवानी के घर में कैमरे नहीं लगे थे? सनी एक बड़ी महिला नेता को बड़े कार्यक्रम से आसानी से उठा लेता है। उसे बोरी में भर कर कंधे पर लाद कर ले जाता है।

चाय वाला बन कर शिवानी के ऑफिस में आता-जाता रहता है और उसके सामने ही शिवानी अपने साथियों के साथ गोपनीय बातें करती रहती हैं। कहानी की ये कमियां फिल्म देखते समय बाधा डालती है।

फिल्म का स्क्रीनप्ले कुछ हद तक कहानी की कमियों को कवर करता है। फिल्म की तेज गति, बहुत कम अवधि और फिल्म के लीड कैरेक्टर्स का शानदार अभिनय फिल्म से दर्शकों को जोड़े रखता है। कहानी से संतुष्ट हुए बिना भी दर्शकों की दिलचस्पी फिल्म में बनी रहती है।

निर्देशक गोपी पुथरन ने फिल्म को विषय के इर्दगिर्द ही रका है और भटकने नहीं दिया है। उन्होंने फिल्म की लंबाई कम रखी है, गाने नहीं रखे हैं और फिल्म में उस तरह का माहौल बनाया है जो इस तरह की फिल्म में जरूरी रहता है। उन्होंने कुछ शॉट्स अच्छे से फिल्माए हैं।
रानी मुकर्जी ने अपने किरदार से पूरी तरह न्याय किया है। वे पहली फ्रेम से ही अपने कैरेक्टर में घुसी हुई नजर आती हैं। विलेन के रूप में विशाल जेठवा भय पैदा करते हैं। उनके चेहरे के एक्सप्रेशन्स, एटीट्यूड और अभिनय देखने लायक है। वे दर्शकों के बीच अपने किरदार के प्रति नफरत पैदा करने में सफल रहे हैं।

कुल मिलाकर मर्दानी 2 एक औसत फिल्म के रूप में सामने आती है।

बैनर : यश राज फिल्म्स
निर्माता : आदित्य चोपड़ा
निर्देशक : गोपी पुथरन
कलाकार : रानी मुकर्जी, विशाल जेठवा, सुमित निझवान, केसी शंकर
सेंसर सर्टिफिकेट : यूए
रेटिंग : 2/5


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