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जुबीन गर्ग केस में एसआईटी का सनसनीखेज खुलासा, पैसों की लालच में मैनेजर ने ही रची थी साजिश
मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया था। इस मामले की जांच असम पुलिस की एसआईटी कर रही है। जुबीन गर्ग केस में अब एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसआईटी ने अदालत में दावा किया जुबीन की हत्या के पीछे पैसों की लालच और करोड़ों रुपए का गबन ही सबसे बड़ा कारण था।
एसआईटी ने कोर्ट में बताया कि जुबीन गर्ग के एक्स मैनेजर और मुख्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा ने सिंगर के पैसों का इस्तेमाल करके एक एक पैकेज्ड वॉटर प्लांट में 1.1 करोड़ रुपए का निवेश किया था। ये प्लांट गुवाहाटी से लगभग 40 किलोमीटर दूर छयगांव में स्थित है, जिसे आरोपी ने अपने कब्जे में ले लिया था।
SIT ने अदालत से इस संपत्ति को तत्काल कुर्क और जब्त करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि अगर कोर्ट ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो आरोपी सिद्धार्थ और उसके कारोबारी साझेदार चेतन धीरासरिया इस यूनिट को बेचकर पैसा ठिकाने लगा सकते हैं।
जज गौतम बरुआ ने शर्मा और धीरा सरिया को 17 जनवरी तक यह क्लियर करने के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया कि यूनिट की कुर्की क्यों नहीं की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सिद्धार्थ शर्मा द्वारा किया गया निवेश सिंगर जुबीन गर्ग से गबन की गई राशि से किया गया था और यही पूरी हत्या की पूर्व-नियोजित साजिश की जड़ बना।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, बेनामी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग ही इस पूरे मामले की मूल वजह है। एसआईटी ने कोर्ट को ये भी बताया कि नवंबर 2022 तक सिद्धार्थ शर्मा की मासिक सैलरी केवल 57,000 रुपए थी लेकिन इसके बावजूद उसने शो की फीस नकद में लेकर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।
