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‘केनेडी’ के विलेन आमिर दलवी ने खोला अनुराग कश्यप का राज: कम करना ही इस फिल्म में सब कुछ था

Updated: गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 (15:29 IST)
फिल्म ‘केनेडी’ में काम करना आमिर दलवी के लिए सिर्फ एक रोल निभाना नहीं था, बल्कि यह अनुराग कश्यप की दुनिया में कदम रखने जैसा था। एक ऐसी दुनिया जहां एक्टिंग को जोर से साबित नहीं किया जाता, जहां भावनाओं को समझाया नहीं जाता और जहां कई बार साइलेंस ही सबसे बड़ा डायलॉग बन जाता है। आमिर कहते हैं कि इस फिल्म ने उन्हें यह सिखाया कि कभी-कभी “कम करना” ही सबसे बड़ी परफॉर्मेंस होती है।
 

अनुराग कश्यप ने तोड़ दी एक्टिंग की आदतें

आमिर दलवी बताते हैं कि अनुराग कश्यप ने उनके अंदर की कई “एक्टर वाली आदतों” को धीरे-धीरे तोड़ दिया। उनके मुताबिक, “अनुराग सर को मुझसे कुछ भी तेज, ड्रामेटिक या ओवर नहीं चाहिए था। शुरू में ये अजीब लगता है, क्योंकि एक्टर्स को ट्रेन ही ऐसा किया जाता है कि साइलेंस भरना है, इमोशन को जस्टिफाई करना है। लेकिन यहां सर कह रहे थे, बस भरोसा करो।”
 
आमिर के लिए यह भरोसा बनाना आसान नहीं था। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि यहां निर्देशन का तरीका निर्देश देने से ज्यादा “देखने” और “महसूस कराने” वाला है।
 

“वो सीन समझाते नहीं थे… बस देखते थे”

आमिर कहते हैं कि अनुराग कश्यप का तरीका बहुत अलग है। वो सीन को ज्यादा समझाते नहीं, इमोशन को शब्दों में बांधते नहीं। कई बार तो वो बस शॉट देखते, और कुछ कहते ही नहीं।
 
आमिर के मुताबिक, “कई बार वो सिर्फ मुस्कुरा देते थे, या उनकी एनर्जी में हल्का सा बदलाव आ जाता था। वही मेरा संकेत होता था कि सही जा रहा है। ये एक तरह का वाइब चेक था।”
 
आमिर बताते हैं कि अनुराग कश्यप चाहते हैं कि किरदार “परफॉर्म” न करे, बल्कि सच में मौजूद लगे। यही चीज उन्हें एक अजीब-सी बेचैनी में भी डालती थी, लेकिन उसी ने उन्हें आजाद भी किया।
 

सलीम कट्टावाला: पर्सनैलिटी नहीं, एक डरावनी मौजूदगी

‘केनेडी’ में आमिर दलवी का किरदार है सलीम कट्टावाला। आमिर बताते हैं कि इस किरदार को उन्होंने एक “पर्सनैलिटी” की तरह नहीं, बल्कि एक मौन मौजूदगी की तरह बनाया।
 
उनके शब्दों में, “जब आप परफॉर्म करना बंद कर देते हैं और ठहराव को जगह देते हैं, तो किरदार अपने आप सांस लेने लगता है। और तभी वो खतरनाक बनता है, क्योंकि वो बहुत असली लगने लगता है।”
 
यही वजह है कि सलीम का डर शोर नहीं मचाता, बल्कि धीरे-धीरे अंदर उतरता है।
 

पहली बार बॉलीवुड में विलेन… लेकिन टैग की जगह सच्चाई

‘केनेडी’ आमिर दलवी की पहली बॉलीवुड फिल्म है जिसमें वे विलेन बने हैं। आमिर मानते हैं कि विलेन का टैग अपने साथ एक वजन लेकर आता है। लेकिन अनुराग कश्यप ने कभी इसे “अच्छा-बुरा” के नजरिए से नहीं देखा।
 
आमिर कहते हैं, “सर बस ईमानदारी की बात करते थे। मेरे मन में यही था कि अगर इस रोल से मुझे याद रखा जाएगा, तो वो याद ईमानदारी के साथ हो, चाहे उसमें कुरूपता ही क्यों न हो।”
 

शूट खत्म… लेकिन किरदार घर तक चला आया

आमिर दलवी ने एक और दिलचस्प बात शेयर की। वे कहते हैं कि इस रोल की भारीपन वाली फीलिंग शूट के बाद भी उनके साथ रही।
 
“कई दिन ऐसे थे जब मैं घर जाकर भी बेचैन रहता था। जबकि सीन बहुत शांत थे, कुछ भी ड्रामेटिक नहीं हुआ था। फिर भी कुछ अंदर रह जाता था। तभी समझ आया कि किरदार मुझमें भी चुपचाप घुस गया, वैसे ही जैसे वो फिल्म में घुसता है।”
 

“अगर किरदार आपको अधूरा छोड़ दे… तो समझो सही हुआ”

आमिर अपनी बात एक ऐसे वाक्य के साथ खत्म करते हैं जो काफी देर तक दिमाग में टिक जाता है। वे कहते हैं, “अगर कोई किरदार मुझे परेशान करके जाए, मुझे अधूरा छोड़ दे, तो मुझे लगता है कुछ सही हुआ। सलीम शूट खत्म होते ही नहीं गया। वो रहा… और मुझे लगता है अनुराग सर यही दर्शकों के साथ भी चाहते थे।”
 

ZEE5 पर आ रही है ‘केनेडी’, राहुल भट्ट और सनी लियोनी भी साथ

फिल्म ‘केनेडी’ एक डार्क, इमर्सिव नॉयर कहानी है, जहां सर्वाइवल की कीमत चुकानी पड़ती है। फिल्म में राहुल भट्ट और सनी लियोनी भी अहम भूमिकाओं में हैं। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी यह फिल्म 20 फरवरी को ZEE5 पर प्रीमियर होने जा रही है।
 
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