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इस फिल्म की सफलता ने जीतेन्द्र को बनाया डांसिंग स्टार

Updated: रविवार, 7 जुलाई 2024 (11:14 IST)
jeetendra birthday: 7 अप्रैल 1942 को एक जौहरी परिवार में जन्में जीतेन्द्र का रूझान बचपन से हीं फिल्मों की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे। वह अक्सर घर से भाग कर फिल्म देखने चले जाते थे। जीतेन्द्र ने अपने सिने करियर की शुरूआत 1959 में रिलीज फिल्म नवरंग से की जिसमें उन्हें छोटी सी भूमिका निभाने का अवसर मिला।

लगभग पांच वर्ष तक जीतेन्द्र फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता के रूप में काम पाने के लिए संघर्षरत रहे। साल 1964 में उन्हें व्ही. शांताराम की फिल्म गीत गाया पत्थरों ने में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए।
 
साल 1967 में जीतेन्द्र की एक और सुपरहिट फिल्म फर्ज रिलीज हुई। रविकांत नगाइच निर्देशित इस फिल्म में जीतेन्द्र ने डांसिग स्टार की भूमिका निभाई। इस फिल्म में उन पर फिल्माया गीत मस्त बहारो का मैं आशिक श्रोताओं और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र को जंपिग जैक कहा जाने लगा।
 
फर्ज की सफलता के बाद डांसिंग स्टार के रूप में जीतेन्द्र की छवि बन गई। इस फिल्म के बाद निर्माता-निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों में उनकी डांसिंग छवि को भुनाया। निर्माताओं ने जीतेन्द्र को एक ऐसे नायक के रूप में पेश किया जो नृत्य करने में सक्षम है। इन फिल्मों में हमजोली और कारंवा जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल है। 
 
इस बीच जीतेन्द्र ने जीने की राह, दो भाई और धरती कहे पुकार के जैसी फिल्मों में हल्के-फुल्के रोल कर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया। साल 1973 में रिलीज फिल्म जैसे को तैसा के हिट होने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनके नाम के डंके बजने लगे और वह एक के बाद एक कठिन भूमिकाओं को निभाकर फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गए।
 
70 के दशक में जीतेन्द्र पर आरोप लगने लगे कि वह केवल नाच गाने से भरपूर रूमानी किरदार ही निभा सकते है। उन्हें इस छवि से बाहर निकालने में निर्माता निर्देशक गुलजार ने मदद की। और उन्हें लेकर परिचय, खुशबू और किनारा जैसी पारिवारिक फिल्मों का निर्माण किया। इन फिल्मों में जीतेन्द्र के संजीदा अभिनय दर्शक आश्चर्यचकित रह गए।

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जीतेन्द्र के सिने करियर पर नजर डालने पर पता लगता है कि वह मल्टी स्टारर फिल्मों का अहम हिस्सा रहे है। फिल्म इंडस्ट्री के रूपहले पर्दे पर जीतेन्द्र की जोड़ी रेखा के साथ खूब जमी। अस्सी के दशक में उनकी जोड़ी अभिनेत्री श्रीदेवी और जया प्रदा के साथ काफी पसंद की गई। अपनी अनूठी नृत्य शैली के कारण इस जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखो पर लिया।
 
साल 1982 से 1987 के बीच जीतेन्द्र ने दक्षिण भारत के फिल्मकार टी रामाराव, के. बापैय्या, के. राघवेन्द्र राव आदि की फिल्मों में भी काम किया। 90 के दशक में अभिनय मे एकरपता से बचने और स्वंय को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिए जीतेन्द्र ने खुद को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया।
 
2000 के दशक में फिल्मों में अच्छी भूमिकाएं नही मिलने पर उन्होंने फिल्मों में काम करना काफी हद तक कम कर दिया। इस दौरान वह अपनी बेटी एकता कपूर को छोटे पर्दे पर निर्मात्री के रूप स्थापित कराने में उनके मार्गदर्शक बने रहे। जीतेन्द्र ने चार दशक लंबे सिने करियर में 250 से भी अधिक फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। जीतेन्द्र इन दिनों अपनी बेटी एकता कपूर को फिल्म निर्माण में सहयोग कर रहे है।
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