बॉलीवुड 2011 : नए निर्देशकों ने बनाई पहचान

भाषा|
के लिए वर्ष 2011 नए निर्देशकों और छोटे बजट की फिल्मों का रहा जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचाया। नए निर्देशकों के साथ अमिताभ बच्चन, सलमान खान, अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण ने काम करने में संकोच नहीं किया और यह फार्मूला दर्शकों के पैमाने पर हिट साबित हुआ।

किरण राव, सोहन राय, लव रंजन, बिजॉय नांबियार, अभिनय देव, प्रवीण दबास और नील माधव पांडा ने निर्देशन के क्षेत्र में अपने जौहर दिखाए तथा इनकी पहली पहली फिल्म ने इनकी सफलता की इबारत लिख डाली।

बहुचर्चित और केरल तथा तमिलनाडु के बीच विवाद का कारण बने मुल्लापेरियार बांध पर नए निर्देशक सोहन राय ने ‘डैम 999’ बनाई। यह फिल्म तमिलनाडु में प्रतिबंधित कर दी गई। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी तब चर्चा हुई जब गीतों की वजह से इसे ऑस्कर अवॉर्ड में ‘बेस्ट ओरीजनल स्कोर’ की श्रेणी में नामांकन मिला।
फिल्म निर्देशक और निर्माता पुरी जगन्नाथ ने अमिताभ बच्चन के अभिनय से सजी ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का निर्देशन किया। जो अमिताभ के प्रशंसकों को अच्छी लगी।

के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धोबी घाट’ इस साल प्रदर्शित हुई जिसमें उनके पति आमिर खान ने भी अभिनय किया। शीर्षक को लेकर फिल्म विवादों में घिरी और आमिर ने रजक समुदाय से माफी मांगी।
‘धोबी घाट’ का प्रीमियर टोरंटो फिल्म महोत्सव में हुआ। मुंबई के जीवन पर बनी इस फिल्म को दर्शकों के साथ साथ आलोचकों ने भी सराहा। करीब दस करोड़ रूपये के बजट से शुरू हुई यह फिल्म इस सीमा से कुछ आगे बढ़ गई।

अमोल गुप्ते ने इस साल ‘स्टेनली का डब्बा’ के लिए कैमरे के पीछे कमाल दिखाया। कम बजट की इस फिल्म को भी दर्शकों और आलोचकों ने हाथों हाथ लिया।
जाने-माने अभिनेता पंकज कपूर ने इस साल अपने बेटे शाहिद को मुख्य भूमिका में लेकर ‘मौसम’ निर्देशित की, लेकिन दर्शकों की अपेक्षा पर यह फिल्म खरी नहीं उतरी और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली।

विज्ञापन जगत की चर्चित हस्ती अभिनय देव ने इस साल फरहान अख्तर के प्रोडक्शन के लिए ‘गेम’ और फिर आमिर खान के प्रोडक्शन के लिए ‘देल्ही बेली’ का निर्देशन किया। ‘गेम’ असफल रही, लेकिन ‘देल्ही बेली’ के जरिये उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दिखाई।
दक्षिण के फिल्म निर्देशक सिद्दिकी ने सलमान खान और करीना कपूर को लेकर अपनी ही मलयालम की हिट फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ का इसी नाम से हिंदी में रीमेक बनाया। यह फिल्म न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी हिट साबित हुई।

सलमान खान ने अपने ‘सलमान खान बीइंग ह्यूमन’ प्रोडक्शन के तहत नितेश तिवारी और विकास बहल के निर्देशन में बच्चों की फिल्म ‘चिल्लर पार्टी’ बनाई। यह फिल्म बच्चों के साथ साथ बड़ों को भी पसंद आई।
इस साल बच्चों की ही एक फिल्म ‘आई एम कलाम’ आई जिसका निर्देशन नील माधव पांडा ने किया था। रिलीज से पहले ही यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय ख्याति बटोरने में सफल रही और इसके एक बाल कलाकार हर्ष मयार ने तो पुरस्कार तक जीता।

डेविड धवन के पुत्र रोहित धवन ने भी निर्देशन की शुरुआत की। उनकी ‘देसी ब्वॉयज’ अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण, जॉन अब्राहम की मौजूदगी के बावजूद सुपर हिट नहीं हुई लेकिन रोहित के निर्देशन में सभी को दम नजर आया। उनसे उम्मीद की जाती है कि वे आगे अच्छा काम करेंगे।
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘शैतान’ का निर्देशन लघु फिल्मों के प्रख्यात निर्देशक बिजॉय नांबियार ने किया। राजीव खंडेलवाल और कल्कि कोचलिन अभिनीत इस फिल्म को दर्शकों और आलोचकों की तारीफ मिली।

नए चेहरों को लेकर लव रंजन के निर्देशन में बनी ‘प्यार का पंचनामा’ कम बजट की फिल्म थी, लेकिन हिट रही। अब वह इसके निर्माता अभिषेक पाठक के साथ मिल कर इसका सीक्वल बना रहे हैं।(भाषा)

 

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