भारतीय सिनेमा के सौ साल : टॉप 10 एक्टर्स

समय ताम्रकर|
के इतिहास में अनेक कलाकार ऐसे हुए हैं जिन्होंने अपढने अभिनय से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया है। अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार को छोड़ बाकी कलाकार भले ही स्टार नहीं बन पाए हों या उनके नाम पर फिल्में नहीं बिकती हों, लेकिन इन्होंने अभिनय को नए आयाम दिए। भारतीय सिनेमा की ख्याति को विदेश तक पहुंचाया। अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार ऐसे विरले उदाहरण हैं जो न केवल बेहतरीन अभिनेता हैं बल्कि बड़े स्टार भी हैं।

नसीरुद्दीन शाह और ओम पुरी के चेहरे अत्यंत ही साधारण हैं, लेकिन उन्होंने साबित किया कि अभिनय के लिए हैंडसम होना अनिवार्य नहीं है। इन दोनों ने कला फिल्मों का साथ पकड़ा और कई बेहतरीन फिल्में दी। दोनों अपने किरदारों में खो जाते थे और हमें ओम या नसीर नहीं बल्कि वो किरदार याद रहते हैं जो उन्होंने निभाए हैं। ओम पुरी ने तो कई हॉलीवुड फिल्मों में भी अपने जौहर दिखाए।

संजीव कुमार ने अच्छी और बुरी दोनों प्रकार की फिल्में की। उनका मानना था कि खराब फिल्मों में भी अच्छा अभिनय किया जा सकता है और अच्छी एक्टिंग के लिए पॉवरफुल किरदार का होना जरूरी नहीं है। कई फिल्मों में वे हीरो बने और जवानी के दिनों में भी उन्होंने बूढ़े का रोल करने में कोई हिचक नहीं दिखाई।

मोतीलाल और बलराज साहनी उस दौर के कलाकार हैं जब सिनेमा में इतनी तकनीक विकसित नहीं हुई थी। ये दोनों इतने नैसर्गिक अभिनेता थे और छोटे रोल में बड़े कलाकारों का मात देने का माद्दा रखते थे। अनुपम खेर ने भी हर तरह की भूमिकाएं निभाईं और अपने आपको बेहतरीन कलाकार साबित किया।
पंकज कपूर उन अभिनेताओं में से हैं जिनकी अभिनय प्रतिभा का पूरा उपयोग ही नहीं हो पाया। पंकज ने बेहद कम फिल्में की, लेकिन ‘एक थी डॉक्टर’, ‘मकबूल’ जैसी फिल्म करके उन्होंने दिखा दिया कि वे कितने बेहतरीन कलाकार हैं।

वर्तमान अभिनेताओं में इरफान खान सर्वाधिक प्रतिभाशाली माने जाते हैं। वे एक मंजे हुए कलाकार हैं और उनसे कई बेहतरीन फिल्मों की उम्मीद है।
टॉप टेन एक्टर्स
नसीरुद्दीन शाह
ओम पुरी
संजीव कुमार
अमिताभ बच्चन
दिलीप कुमार
मोतीलाल
बलराज साहनी अनुपम खेर
पंकज कपूर
इरफान खान



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