Hanuman Chalisa
✕

सोशल मीडिया पर चढ़ा बिहार चुनाव नतीजों का रंग

Updated: रविवार, 8 नवंबर 2015 (18:24 IST)
पटना। बिहार चुनाव के नतीजों के रुझान में जैसे-जैसे जदयू की अगुवाई वाला गठबंधन बहुमत हासिल करने की तरफ बढ़ रहा था, वैसे-वैसे सोशल मीडिया भी उस रंग में रंगता गया। एक तबका जहां इस परिणाम को लोकतंत्र की जीत बता रहा है वहीं कुछ का मानना है कि इससे बिहार में जंगल राज की वापसी होगी।
 
पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा से दिल्ली तक लोगों ने फेसबुक और ट्विटर के सहारे अपने-अपने ढंग से चुनाव परिणामों पर राय प्रकट की। कुछ लोगों ने लालू-नीतीश की जीत का समर्थन किया तो कुछ ने मोदी-शाह के नेतृत्व में भाजपा की हार पर निराशा प्रकट की।
 
आरएसएस को निशाने पर लेते हुए एक शहरी कुमुद सिंह ने कहा 'एक बिहार नागपुरियों पर भारी।' बेंगलूरु में रहने वाले पटना के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर नबील अशरफ ने जीत पर संतोष व्यक्त करने के लिए हास्य से भरे वाक्य का प्रयोग किया।
 
उन्होंने फेसबुक पर लिखा 'भाजपा कह रही है कि चूंकि गाय को मत देने का अधिकार नहीं है इसलिए हम लोगों की हार हुई।'
 
दूसरे देशों में रहने वाले इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने ज्यादा ही उत्साह से ट्वीट किया। अमेरिका में रहने वाले एक शोधकर्ता अजीत चौहान ने कहा 'जो न कटे आरी से, वो कटे बिहारी से।' चुनाव प्रचार और भाषणों में गाय, गौमांस और पाकिस्तान का मुद्दा छाया हुआ था और जब आज मतगणना होने लगी तो फिर यही मुद्दे सोशल मीडिया पर एक बार फिर से छा गए। ट्विटर प्रयोग करने वाले लोगों ने जमकर मोदी-शाह को कोसा। 
 
फेसबुक पर साझा किए गए एक दिलचस्प पोस्टर में लालू-नीतीश को एक ऐसे रॉकेट को सुलगाते हुए दिखाया गया है जिसमें मोदी-शाह दोनों की तस्वीरों को चिपकाया गया है और लालू-नीतीश उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दे रहे हैं। वहीं मोदी-शाह कह रहे हैं 'मैं जानता हूं यह पाकिस्तान निर्मित रॉकेट है'। भाजपा समर्थकों ने गठबंधन की जीत पर रोष व्यक्त करने के लिए भी वचरुअल मीडिया का सहारा लिया।
 
दिल्ली निवासी सुरभि प्रसाद ने कहा, 'मुबारक हो..जंगल राज हुआ है।' भाजपा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्राय: 'जंगल राज' शब्दावली का इस्तेमाल करती रही है।
 
गुड़गांव में रहने वाले गौरव दीक्षित कहते हैं 'और अचानक बिहार का कैलेंडर वर्ष 1995 का हो गया। गर्व महसूस करने वाले बिहारियों को बधाई।' आज सुबह ट्रेंड आने के साथ ही ट्विटर पर चर्चाएं होने लगीं।
 
मुंबई के ट्विटर उपयोगकर्ता अली फजल ने लिखा, 'बिहार में जीत इस बात की याद दिलाती है कि इसे अपना देश कहने की संभावना अब भी जीवित है। ऐसा मेरे लिए नहीं बल्कि उनके लिए जो देश भर में नफरत के शिकार हो रहे हैं।' (भाषा)
Show comments

क्या लेमडक बने डोनाल्ड ट्रंप? ईरान युद्ध और वैश्विक नीतियों पर पड़ेगा यह बड़ा असर, आ सकता है महाभियोग

Agniveer : अग्निवीरों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 75% को मिलेगी 2 साल की अतिरिक्त सेवा, फिर सेना में स्थायी भर्ती का मौका

राहुल फुस्स रॉकेट तो अखिलेश हार के बहानेबाज, EVM और SIR को लेकर विपक्ष पर बरसे CM योगी

Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर आयुष्मान खुराना-तुषार कपूर से मांगी रंगदारी, पुलिस ने बेंगलुरु से किया आरोपी को गिरफ्तार

सभी देखें

Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

देश के नंबर-1 CM बने योगी आदित्यनाथ, 897 अंकों के साथ 'बेस्ट सीएम सर्वे 2026' में किया टॉप

नकली किन्नरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों से रहें सावधान! किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी की अपील

National Conference में बढ़ी बगावत, 10 विधायकों की फिर बैठक, उमर अब्दुल्ला के सामने नई चुनौती

क्या लेमडक बने डोनाल्ड ट्रंप? ईरान युद्ध और वैश्विक नीतियों पर पड़ेगा यह बड़ा असर, आ सकता है महाभियोग