Hanuman Chalisa
✕

Monsoon Skin Care Tips : लगाएं लीची का प्राकृतिक फेस पैक, दमक उठेगा चेहरा

Updated: सोमवार, 20 सितम्बर 2021 (10:18 IST)
लीची बारिश का सीजनल फल है। लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। इसके सेवन से कई सारे हेल्‍थ बेनिफिट्स भी हैं। लीची में पानी की क्‍वांटीटी भी सबसे अधिक होती है। इसमें मौजूद तत्व शरीर के साथ स्किन का भी ख्याल रखते हैं। लीची में मौजूद विटामिन सी, बी 6,फोलेट,तांबा, पोटेशियम, फास्फोरस,मैग्नीशियम और मैगनीज जैसे खनिज पाए जाते हैं। इसके प्रतिदिन सेवन से आपकी बढ़ती उम्र पर भी पूर्ण विराम लग जाता है। लीची खाने से स्किन में कसावट भी पैदा होती है। साथ ही शारीरिक विकास में भी सहायता करती है। खाने से तो बहुत सारे लाभ जान लिए। लेकिन क्‍या आप जानते हैं लीची का फेस पैक भी लगाया जाता है। जी हां, इसका फेस पैक लगाने से चेहरा एकदम खिल जाएगा। क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व आपके चेहरे का ग्लो बढ़ देते हैं। तो आइए जानते हैं लीची का फेस पैक कैसे बनाएं और उससे होने वाले फायदे -  

सामग्री - 4 लीची और 1 पका केला

विधि - दोनों को अच्‍छे से मिक्‍स कर लें और चेहरे पर 30 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद नॉर्मल पानी से चेहरे को धो लें। और हल्‍के हाथों से नैपकिन की मदद से पुंछें। अगर आपको अपनी त्वचा रूखी लगती है तो हल्का सा क्रीम लगाएं। अन्यथा नहीं लगाएं।

लीची फेस पैक लगाने के फायदे

जैसे - जैसे उम्र बढ़ती जाती है स्किन ढीली पड़ने लगती है। लीची में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भरपूर तादाद में होता है,जो चेहरे में कसावट पैदा करता है। साथ ही चेहरे पर ग्लो बढ़ जाता है। यह आपके सनटैन को कम करने में मदद करेगा। सूरज की हानिकारक किरणों में बचाव करने में मदद करेगा। 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख