Hanuman Chalisa

Kajal At Home : इन आसान टिप्स की मदद से घर में बनाएं काजल

Updated: गुरुवार, 23 जुलाई 2020 (15:00 IST)
जब भी खूबसूरती की बात आती है तो इसमें आखों का जिक्र जरूर होता है। आंखों की खूबसूरती को बयां करने के लिए कई गाने भी बने, जैसे 'तेरे मस्त-मस्त दो नैन...'। भई इन कजरारे नैनों को और भी ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक बनाने का काम करता है आपका काजल। यदि आप बहुत ज्यादा मेकअप करना पसंद नहीं करतीं तो सिर्फ काजल लगाकर भी बला की खूबसूरत लग सकती हैं। हम में से ऐसी कई लड़कियां भी हैं, जो बिना काजल के घर से निकलना भी पसंद नहीं करती हैं। लेकिन यदि इस वक्त आप मार्केट के काजल का इस्तेमाल करने से बचना चाहती हैं तो हम इस लेख में आपको बता रहे हैं कि कैसे आप घर पर ही कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो कर काजल बना सकती हैं।
 
तो आइए जानते हैं घर में काजल कैसे बनाएं, जो अधिक समय तक काम करें।
 
घी का काजल कैसे बनाएं?
 
सामग्री:
 
1 कटोरी देसी घी
दीये के लिए बाती
एक कांसे की प्लेट
 
अब आपको 1 कटोरी या फिर दीये में घी लेकर उसमें बाती को लगाना है और दोनों कोनों से पकड़कर उसे घी में अच्छी तरह से डुबोकर रख लें। अब जब बाती घी में अच्छी तरह डूब जाए तो इसे जला लें। इसके ऊपर कांसे की प्लेट को इस तरह रखें कि इस प्लेट का आधा हिस्सा दीये के ऊपर और आधा जमीन पर आ जाए। इस तरह यह प्लेट दीये को थोड़ा ढंक लेगी।
 
अब ऐसे ही दीये को जलता छोड़ दें। अब इन सबको ऐसे ही छोड़ दें। लगभग 3-4 घंटे में प्लेट के ऊपर काजल जम जाएगा। अब इसे साफ चाकू से निकालकर एक साफ शीशी में भरकर रख लें। जरूरत के अनुसार साफ उंगली से लेकर आंखों में लगा लें।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख