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हाईजीन की 8 बातें, जिनसे बचा सकते हैं मेडिकल बिल

Updated: गुरुवार, 27 जून 2019 (12:21 IST)
ब्रिटिश रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ (आरएसपीएच) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, लोगों को घर में गंदी दिखने वाली जगहों को साफ़ करने के साथ साथ हानिकारक कीटाणुओं को घर में फैलने से रोकने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, हाथ, कपड़े और फ़र्श को समय पर धोना बीमारियों से बचा सकता है, लेकिन चार में से एक व्यक्ति इसे महत्वपूर्ण नहीं मानते।
 
 
आरएसपीएच रिपोर्ट के अनुसार, लोगों में गंदगी, कीटाणु, साफ़-सफ़ाई और स्वस्थ रहने के उपायों को लेकर भारी भ्रम है। संस्था ने 2000 लोगों का सर्वे किया जिसमें 23 प्रतिशत लोगों का मानना था कि बच्चों को गंदगी और कीटाणुओं का सामना करना चाहिए ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके।
 
लेकिन इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि ये ख़तरनाक सोच है क्योंकि इससे कुछ हानिकारक संक्रमण के शिकार होने का भी ख़तरा होता है। वे कहते हैं कि इसकी बजाय लोगों को अपने घर में कुछ ख़ास समय में कुछ ख़ास जगहों की सफ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, भले ही वो साफ़ दिखती हों, ताकि कीटाणुओं को फैलने से रोका जा सके।
 
कहां और कब रखना चाहिए साफ़ सफ़ाई का ध्यान?
 
- खाना बनाते और उन्हें तैयार करते समय
- हाथ से खाना खाते समय
- टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद
- जब ख़ांसी, ज़ुख़ाम, छींक या नाक बह रही हो
- घर के गंदे कपड़े धोने या उनके रख रखाव के समय
- घर के पालतू जानवरों की देखभाल के समय
- कचरे को घर से बाहर ले जाते समय
- संक्रमण के शिकार परिजन की देखभाल करते हुए
 
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि खाना खाने के, टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद, खांसी, छींक, पालतू जानवरों और बीमार लोगों को छूने के बाद हाथ धोना महत्वपूर्ण है। किचन की सतह को और चॉपिंग बोर्ड को चिकन, सब्ज़ी आदि काटने या खाना तैयार करने के बाद अच्छी तरह से साफ़ करना बेहद ज़रूरी होता है।
 
साथ ही प्रदूषित सतह को साफ़ करने में इस्तेमाल किए गए ब्रश और बर्तन पोंछने के कपड़े को नियमित रूप से साफ़ किया जाना चाहिए। आपके घर का फ़र्श और फ़र्नीचर भले ही गंदा दिखता हो लेकिन आम तौर पर इनमें सेहत के लिए हानिकारक कीटाणु कम ही होते हैं।
 
बैक्टीरिया मारने के लिए कैसे सफ़ाई करें?
 
गरम पानी में साबुन से बर्तन और बर्तन धोने वाली जगह की सफ़ाई से बैक्टीरिया ख़त्म हो जाते हैं। फ़ूड स्टैंडर्ड्स एजेंसी के अनुसार, बैक्टीरिया को पूरी तरह साफ़ करने के लिए पानी को कुछ देर के लिए 70 डिग्री सेल्सियस तक गरम करना ज़रूरी होता है।
 
 
कौन सा प्रोडक्ट इस्तेमाल करें?
- मोटा मोटी तीन तरह के प्रोडक्ट होते हैं लेकिन इन सभी का काम अलग अलग होता है।
 
*डिटर्जेंट- ये सतह और तेल की परत को साफ़ करते हैं लेकिन बैक्टीरिया नहीं मारते।
 
*डिसइनफ़ेक्टेंट- ये बैक्टीरिया मारते हैं लेकिन सतह साफ़ नहीं कर सकते।
 
*सैनिटाइज़र- ये साफ़ सफ़ाई और बैक्टीरिया मारने दोनों के काम आते हैं।
 
 
विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले दिशा निर्देशों को पढ़ना ज़रूरी है। खाना बनाने के बाद किचन की सतह को कपड़े से साफ़ करने की बजाय काग़ज़ का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे कपड़े को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है।
 
 
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
लंदन स्कूल ऑउ़ हाईजीन एंड ट्रोपिकल मेडिसन के प्रोफ़ेसर सैली ब्लूमफ़ील्ड के अनुसार, लोगों को बीमारियों से बचाव (हाईजीन) और साफ़ सफ़ाई के अंतर को समझना चाहिए।
 
 
उनके मुताबिक़, "सफ़ाई का मतलब धूल गर्द और कीटाणुओं को साफ़ करने से लगाया जाता है जबकि हाईजीन का मतलब है कि उन जगहों की समय समय पर सफ़ाई करना जहां से कीटाणुओं के फ़ैलने की आशंका होती है, मसलन खाना बनाते समय, टॉयल इस्तेमाल करते समय या पालतू जानवरों के साथ खेलते हुए।"
 
 
रॉयल सोसाइटी फ़ॉर पब्लिक हेल्थ की ट्रस्टी और हाईजीन एक्सपर्ट प्रोफ़ेसर लिज़ा एकर्ले के अनुसार, "बाहर जाना और दोस्तों, परिवार के साथ और पालतू जानवरों के साथ खेलने से ऐसे (गुड) बैक्टीरिया से हमारा सामना होता है तो हानिकारक नहीं होते लेकिन लोगों को इसका ग़लत अर्थ लगाकर दूसरे छोर पर नहीं जाना चाहिए।"
 
 
"समय समय पर ख़ास जगहों की साफ़ सफ़ाई बीमारियों से संक्रमित होने से बचा सकता है और ये सस्ता भी पड़ता है और इसमें कम मेहनत भी लगती है और आप गुड बैक्टीरिया के संपर्क में आते हैं।"
 
 
वो कहती हैं, "घर और रोज़मर्रे के कामों में बेहतर हाईजीन रखना हमारे बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद ज़रूरी बात है और इससे एनएचएस पर भी दबाव कम पड़ता है और एंटीबॉयोटिक रजिस्टेंस के ख़िलाफ़ लड़ाई में ये एक बड़ी भूमिका भी निभाता है।"
 

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