sundarkand

गाजा में भीषण लड़ाई, डॉक्टरों ने कहा- कब्रिस्तान बन जाएंगे अस्पताल

Written By BBC Hindi
Updated: सोमवार, 13 नवंबर 2023 (08:27 IST)
गाजा में अस्पतालों के बाहर इजराइली टैंकों की मौजूदगी से वहां के हालात पेचीदा हो गए हैं। गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफ़ा के अंदर मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक़ आसपास की गलियों में इजराइली सैनिकों और हमास के लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई चल रही है। दोनों ओर से हो रहे हमलों की बीच मरीज और अस्पताल में शरण लिए हुए लोग फंसे हुए हैं। 
 
अल-शिफ़ा में मौजूद एक सर्जन ने बीबीसी को बताया कि अस्पताल में पानी और खाना खत्म हो गया है। बिजली भी कटी हुई है।
 
 
दूसरी ओर, इजराइल ने कहा है कि उसकी सेना का इस इलाके में हमास से टकराव हुआ है, लेकिन सेना ने अस्पताल पर फायरिंग नहीं की है। उसने कहा है कि वह रविवार को अस्पताल में भर्ती शिशुओं को ‘एक सुरक्षित अस्पताल’ में शिफ्ट कराने में मदद करेगा। 
 
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया था कि अब तक यहां दो शिशुओं की मौत हो गई है। लेकिन 37 शिशुओं की जिंदगी ख़तरे में है। बीबीसी को अस्पताल में भर्ती 20 नवजात बच्चों की तस्वीरें भेजी गई हैं। 
 
इन्हें अल-शिफ़ा के सर्जिकल थियेटर में रखा गया है। डॉक्टरों ने कहा है कि नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए बने वार्ड में भर्ती इन शिशुओं की मौत हो सकती है, क्योंकि बिजली की कमी से इंटेंसिव केयर यूनिट काम नहीं कर रहे हैं। 
 
इसराली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने कई बार कहा है कि हमास इस अस्पताल के नीचे बनी सुरंगों से हमले कर रहा है। हालांकि हमास ने इससे इनकार किया है। 
 
अस्पताल के सर्जन डॉ. मरवान अबु सादा ने बीबीसी को बताया कि अल-शिफ़ा के बाहर से हर पल गोलियां चलने और बमबारी के धमाके सुनाई पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर के चारों ओर लड़ाई होने से मर चुके मरीजों को दफनाना तक मुश्किल हो गया है।
 
उन्होंने कहा कि ईंधन न होने से मुर्दाघरों के रेफ्रिजरेटर भी नहीं चल रहे हैं। उन लोगों को डर है कि शवों की वजह से अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच बीमारियां न फैल जाएं। 
 
ह्यूमन राइट्स इजराइल के डॉक्टरों ने बताया कि बिजली न होने से दो प्रीमैच्योर शिशुओं की मौत हो गई। इनका कहना है बिजली न होने से अल-श़िफा अस्पताल में भर्ती 37 और प्रीमैच्योर शिशुओं की जान ख़तरे में पड़ गई है। 
 
इजराइल ने कहा है कि अल-श़िफा अस्पताल की घेराबंदी नहीं की गई है। अस्पताल का पूरब का हिस्सा खुला है। यहां से जिसे भी बाहर जाना हो वो सुरक्षित निकल सकता है।
 
इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा है कि उनका देश अस्पतालों के बच्चों के वार्ड को रविवार को किसी सुरक्षित अस्पताल में शिफ्ट कराने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से मदद का अनुरोध मिलने के बाद इस बारे में फैसला किया जाएगा। 
 
इससे पहले कर्नल मोशे ने कहा था कि अल-शिफ़ा के नजदीक हमास और इजराइली सेना के बीच संघर्ष चल रहा है, लेकिन अस्पताल पर कोई गोली नहीं चलाई गई है।
 
लेकिन बीबीसी से जो तस्वीरें साझा की गई हैं, उनमें देखा जा सकता है कि सर्जिकल वार्ड में मौजूद 20 नवजात शिशुओं को कंबल में लपेट कर वयस्कों के लिए बने एक बेड पर लिटाया गया है। इनमें से कइयों के चेहरे पर टेप लगे हुए है, जो ये संकेत दे रहे हैं कि इन बच्चों को ऑक्सीजन की जरूरत रही होगी।
 
अस्पताल के डॉक्टर पिछले एक महीने से ये चेतावनी दे रहे हैं कि इजराइली कब्जे की वजह से बिजली नहीं आ रही है। इस वजह से इनक्यूबेटर की उपलब्धता घट रही है।    
 
डॉ. अबु सादा ने बताया कि शिशुओं को इंटेन्सिव केयर, लाइफ सपोर्ट उपकरण और कृत्रिम सांस की जरूरत है। उन्होंने बीबीसी को भेजे एक वॉयस नोट में कहा, "मुझे डर है कि अगर हमने इन बच्चों को इन्हीं हालात में छोड़ दिया तो ये मर जाएंगे। ये प्रीमैच्योर शिशु हैं।’’
 
'अस्पताल कब्रिस्तान में बदल जाएंगे'
गाजा में मानवीय सहायता के काम में लगी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि युद्ध के कारण मरीजों को समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनके मरने का खतरा पैदा हो गया है।
 
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) के डिप्टी मेडिकल कोऑर्डिनेटर ने बीबीसी को बताया कि अगर युद्ध विराम नहीं हुआ तो अस्पतालों में बचे हुए सभी मरीज मर जाएंगे और ये अस्पताल कब्रिस्तान में बदल जाएंगे।
 
रेड क्रिसेंट सोसाइटी की फिलिस्तीनी ब्रांच का कहना है कि उसकी टीमें 500 मरीजों और करीब 14 हजार विस्थापित लोगों के साथ गाजा के अल-कुद्स अस्पताल में फंसी हुई थीं।
 
इस बीच गाजा के छोटे अस्पतालों में से एक, अल-रेनतिसी को बड़े पैमाने पर खाली करा लिया गया, यहां सिर्फ कुछ ही मरीज और कर्मचारी बचे हैं।
 
फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी(यूएनआरडब्ल्यूए) का कहना है कि गाजा पट्टी में 22 लाख लोगों का रहते हैं, लेकिन युद्ध की शुरुआत के बाद से 15 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।
 
हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल के अंदर घुसकर करीब 1200 लोगों की हत्या कर दी और करीब 200 लोगों को वह बंधक बनाकर वापस गाजा ले गया था।
 
हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गाजा के अंदर इजराइली हमलों में मरने वालों की संख्या 11 हजार को पार कर गई है, जिसमें 4500 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं।
 
मैक्रों बोले- बच्चों को मारना बंद करे इजराइल
शुक्रवार को बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि इजराइल को गाजा में बच्चों और महिलाओं को मारना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'बमबारी को सही नहीं ठहराया जा सकता और युद्ध विराम से इजराइल को फ़ायदा होगा।'
 
मैक्रों ने कहा, "इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन हम अपील करते हैं कि गाजा में बमबारी बंद की जाए।" उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि फ्रांस हमास की आतंकवादी गतिविधियों की स्पष्ट तौर पर निंदा करता है।
 
जब मैक्रों से पूछा गया कि क्या वह चाहेंगे कि अमेरिका और ब्रिटेन समेत अन्य देश भी युद्धविराम की अपील करें तो उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे करेंगे।”
 

Show comments

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

सभी देखें

iPhone 18 Pro Max vs Pixel 11 Pro XL: अगस्त में Google और सितंबर में Apple की टक्कर, जानें कौन होगा सबसे दमदार?

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max सितंबर में हो सकते हैं लॉन्च, बड़ी बैटरी, 2nm चिप और DSLR जैसे कैमरे की चर्चा

Samsung Galaxy Z Fold8, Fold8 Ultra और Flip8 लॉन्च: दमदार AI फीचर्स, नया डिजाइन और शानदार कैमरा के साथ आए नए फोल्डेबल स्मार्टफोन

Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लॉन्च होंगे नए फोल्डेबल फोन और स्मार्टवॉच, Galaxy Z Fold8 सीरीज पर सबकी नजर

क्या सस्ता है Motorola Edge 70 Max, 5000 रुपए की छूट, 7100mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और AI फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च

अगला लेख