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कैसे मनाते हैं बैसाखी का त्योहार, जानिए

How to celebrate Baisakhi festival
अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार हर साल बैसाखी पर्व 13 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसे देश के भिन्न-भिन्न भागों में रहने वाले सभी हिन्दू और सिख धर्म के लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। वैसे कभी-कभी 12-13 वर्ष में यह त्योहार 14 तारीख को भी आ जाता है। इस वर्ष बैसाखी का पर्व 14 अप्रैल 2023, दिन शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
 
- पूरे देश में श्रद्धालु गुरुद्वारों में अरदास के लिए इकट्ठे होते हैं। मुख्य समारोह आनंदपुर साहिब में होता है, जहां पंथ की नींव रखी गई थी।
 
- सुबह 4 बजे गुरु ग्रंथ साहिब को समारोहपूर्वक कक्ष से बाहर लाया जाता है।
 
- दूध और जल से प्रतीकात्मक स्नान करवाने के बाद गुरु ग्रंथ साहिब को तख्त पर बैठाया जाता है। इसके बाद पंच प्यारे 'पंचबानी' गाते हैं।
 
- दिन में अरदास के बाद गुरु को कड़ा प्रसाद का भोग लगाया जाता है।
 
- प्रसाद लेने के बाद सब लोग 'गुरु के लंगर' में शामिल होते हैं।
 
- श्रद्धालु इस दिन कारसेवा करते हैं।
 
- दिनभर गुरु गोविंदसिंह और पंच प्यारों के सम्मान में शबद् और कीर्तन गाए जाते हैं।
 
- इस दिन पंजाब का परंपरागत नृत्य भांगड़ा और गिद्दा किया जाता है।
 
- शाम को आग के आसपास इकट्ठे होकर लोग नई फसल की खुशियां मनाते हैं।
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