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चमत्कार! अखिलेश पत्नी डिंपल संग करेंगे रामलला के दर्शन, हनुमानगढ़ी भी जाएंगे

विधानसभा चुनाव से पहले सपा मुखिया अखिलेश का बड़ा दांव, 12 नवंबर को जाएंगे अयोध्या

Updated: शनिवार, 7 नवंबर 2026 (15:04 IST)
Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: सियासी गलियारों की सबसे हलचल भरी और बड़ी खबर! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब 'राम भक्ति' के रंग में नजर आने वाले हैं। 12 दिसंबर शनिवार को सपा सुप्रीमो अपनी पत्नी और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव के साथ प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे इस दौरान रामलला और हनुमानजी के दर्शन करेंगे। 

​वादा निभाया, तारीख पक्की

इस हाई-प्रोफाइल दौरे की इनसाइड स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। दरअसल, अपने पिछले अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने सपा के कद्दावर नेता और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय को दर्शन की तारीख तय करने का 'टास्क' सौंपा था। पवन पांडेय ने जैसे ही हरी झंडी दिखाई, अखिलेश ने अपना वादा निभाते हुए तुरंत 12 दिसंबर का प्लान लॉक कर दिया। 

​हनुमानगढ़ी से रामलला तक... संतों का लेंगे आशीर्वाद

पवन पांडेय के मुताबिक, शनिवार को अयोध्या पहुंचते ही अखिलेश और डिंपल सबसे पहले हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के चरणों में शीश नवाएंगे। इसके बाद भव्य राम मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम और माता जानकी का आशीर्वाद लेंगे। पूजा-अर्चना के बाद सपा प्रमुख अयोध्या के दिग्गज संत-महंतों से मुलाकात करेंगे, उनका आशीर्वाद लेंगे और महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।
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राजनीतिक पंडितों की नजरें इस दौरे पर टिक गई हैं! वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने अपने 'राष्ट्रीय अध्यक्ष' के इस अयोध्या आगमन को यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए भव्य और जोरदार स्वागत की धमाकेदार तैयारियां शुरू कर दी हैं। उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव के अयोध्या राम मंदिर नहीं जाने के मुद्दे पर भाजपा उन्हें लगातार घेरती रही है। 

अखिलेश का बड़ा सियासी दांव

विधानसभा चुनाव की रणनीतियों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का यह कदम राजनीतिक लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सियासी जानकार इसे समाजवादी पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा दांव बता रहे हैं। लंबे समय बाद सपा का कोई शीर्ष नेता पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से अयोध्या के इस प्रमुख मंच पर नजर आने वाला है।
 
दरअसल, उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या हमेशा से केंद्र बिंदु रही है। चुनाव से ठीक पहले अखिलेश यादव और डिंपल यादव के एक साथ अयोध्या पहुंचकर रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने के फैसले को सपा के 'सॉफ्ट हिंदुत्व' और सर्वसमाज को जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें

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