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कौनसा टायर आपको दुर्घटना से बचाएगा- bias ply या radial?
तापमान में बढ़ोतरी पर अक्सर गाड़ियों के टायरों के फूटने का डर बना रहता है। हाईवे पर तेज स्पीड में ये दुर्घटनाएं आमतौर पर देखने को मिलती हैं। अब सवाल यह उठता है कि इन घटनाओं से कैसे बचा जाए। टायरों की नियमित जांच तो होनी ही चाहिए। साथ में आपकी कार या बाइक के लिए कौनसा टायर सही है। bias ply और radial और रेडियल टायर में क्या अंतर है। इसे हम विस्तार से बताने जा रहे है। इसी कड़ी में पहले आपको bias ply और radial टायर के बारे में बताएंगे।
सबसे पहले आपकी गाड़ी में कौनसा टायर लगा है : आप टायर के साइडवॉल की जांच कर आसानी से निर्धारित कर सकते हैं कि आपके पास बायस प्लाई या रेडियल टायर हैं या नहीं। बायस प्लाई टायर्स में एक साइडवॉल होता है जो तिरछे रूप से बीड से बीड तक चलता है, जिसमें रबर-कोटेड फैब्रिक प्लाई की कई परतें होती हैं जो एक दूसरे से एंगल पर और टायर की केंद्र रेखा तक चलती हैं।
इस प्रकार के टायर को इंगित करते हुए "BIAS" या "BIAS PLY" शब्द किनारे पर लिखा होता है। बायस प्लाई टायर आमतौर पर पुराने वाहनों और ऑफ-रोड उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर उपयोग किए जाते हैं।
radial की पहचान : दूसरी ओर रेडियल टायर में एक साइडवॉल होता है जो सीधे ऊपर और नीचे चलता है और स्टील कॉर्ड प्लाई की एक परत से बना होता है जो टायर के केंद्र रेखा से 90 डिग्री के कोण पर चलता है। इस प्रकार के टायर को इंगित करने के लिए 'रेडियल' शब्द या अक्षर 'रेडियल प्लाई' शब्द टायर के किनारे पर लिखा होता है। आजकल नई कारों में रेडियल टायर ही आते हैं।
अगली कड़ी में पढ़ें क्या हैं खूबियां-
