कुंभ राशि में तीन नक्षत्र आते हैं धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्वा भाद्रपद। कुंभ राशि में सूर्य का गोचर 13 फरवरी 2026 को हो रहा है। यहां पहले से विराजमान राहु का उनके साथ युति संयोग होगा। सूर्य और राहु की युति से ग्रहण योग बनता है। इसी के साथ इसी राशि में अशुभ पंचग्रही योग का निर्माण भी हो रहा है। यह ग्रहण योग 13 फरवरी से लेकर 15 मार्च तक रहेगा। इस बीच 15 फरवरी को महाशिवरात्रि और 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण भी रहेगा। इसी के चलते क्या होगा 12 राशियों पर इसका प्रभाव। जानते हैं राशिफल सहित शिव पुराण के अचूक।
सूर्य का कुंभ राशि में फल:
ग्रहों के राजा सूर्य को आत्मा, शासन, अनुशासन, आत्मबल, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास का कारक कहा गया है, जबकि शनि की राशि कुंभ को अध्यात्म, कर्म, ज्ञान, दान की राशि कहा गया है। कुंभ में सूर्य का गोचर अच्छा माना जाता है। यही पर राहु का जब संयोग हो तो यह अहंकार नाश के लिए काम करता है। सूर्य और राहु की युति किसी न किसी प्रकार की क्रांति को जन्म देती है या राजा के खिलाफ जनविद्रोह का कारण बनती है। शनि, राहु, केतु और बृहस्पति का गोचर पिछले 6 वर्षों से विश्व में बदलाव का कारण बने हुए हैं। वराहमिहर के अनुसार जब ऐसी स्थिति बनती है तो राजा को भय रहता है और समाज में उपद्रव होता है। विपक्षी लोग देश को अस्थिर करने का कार्य करते हैं। जब 23 फरवरी को इसी राशि में मंगल भी आ जाएंगे तो युद्ध जैसी स्थिति बनती है। हालांकि वर्तमान में राहु का गोचर नई टेकनोलॉजी में उन्नति का कारण बनी हुई है। खासकर AI से दुनिया में तेजी से बदलाव होगा। चलिए अब जानते हैं इस योग का 12 राशियों पर क्या होगा असर।
1. मेष:
भाव: एकादश यानी आय के भाव में होगा गोचर, जिसे लाभ का भाव भी कहा जाता है। आपके लिए यह समय 'प्रमोशन और प्रॉफिट' वाला है। संतान की ओर से गुड न्यूज़ मिल सकती है और शेयर मार्केट या सट्टेबाजी से जुड़े लोगों की चांदी होने वाली है। साधना में भी लाभ होगा।
रिश्ते: पार्टनर के साथ ट्यूनिंग शानदार रहेगी।
सेहत: इम्यूनिटी जबरदस्त रहेगी।
सावधानी: आपको धन कमाने के मार्ग तो बहुत मिलेंगे लेकिन आपको उचित और अनुचित को देखकर ही निर्णय लेना होगा
2. वृषभ:
भाव: आपकी राशि के दशम यानी कर्म के भाव में सूर्य का गोचर होगा। यह स्थान परिवर्तन के योग भी बनाता है। यह शत्रुओं को भी सक्रिय करता है। दशम भाव में सूर्य आपको वर्कप्लेस पर नई जिम्मेदारियां देंगे। आप नई प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना सकते हैं। जो लोग नौकरी बदलना चाहते हैं, उनके लिए रास्ते खुलेंगे।
बिजनेस: आपकी नीतियां विरोधियों को चारों खाने चित कर देंगी।
रिश्ते: बातचीत में स्पष्टता आएगी।
3. मिथुन:
भाव: सूर्य नवम भाव में गोचर कर रहे हैं लेकिन ग्रहण योग के चलते पिता और अधिकारियों से अनबन के योग हैं। अनावश्यक भागदौड़ ज्यादा रहेगी। हालांकि आपकी मेहनत अब रंग लाने वाली है। विदेशी व्यापार (आउटसोर्सिंग) से जुड़े लोगों को मोटा फायदा होगा। ऑफिस में इंसेंटिव मिलने की भी प्रबल संभावना है।
सेहत: आप ऊर्जा से लबरेज रहेंगे।
लाइफ: जीवन में खुशियों का नया सवेरा होगा।
सावधानी: शेयर मार्केट में सावधानी से काम करें।
4. कर्क:
भाव: अष्टम भाव का सूर्य चुनौतियों का संकेत दे रहा है। ऑफिस में बॉस के साथ अनबन हो सकती है और आर्थिक तंगी के कारण लोन लेने की नौबत आ सकती है। जो लोग मीडिया से जुड़े हैं, डॉक्टर्स या लॉयर है उनके लिए यह गोचर अच्छा रहेगा लेकिन बाकी लोगों के लिए कोई गारंटी नहीं।
सावधानी: दांतों और पैरों के दर्द को नजरअंदाज न करें।
रिश्ते: पार्टनर के साथ बहस से बचें।
सावधानी: वाहन चलाते वक्त सावधानी रखें।
5. सिंह:
भाव: आपकी कुंडली के सप्तम भाव में सूर्य का गोचर रिश्ते बिगाड़ सकता है। हालांकि आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए संपर्क बनेंगे। बिजनेस में कोई बड़ा विदेशी प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है। निवेश के लिए यह बेहतरीन समय है।
ट्रैवल: काम के सिलसिले में विदेश यात्रा के योग हैं।
सावधानी: सकारात्मक और खुशमिजाज रहेंगे तो शुभ होगा। किसी से किसी भी प्रकार का झगड़ा न करें। राशि पर ढैय्या चल रही है।
6. कन्या:
भाव: छठे भाव में सूर्य का गोचर विपरीत राजयोग बना रहा है। आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। नौकरी में अचानक कोई बड़ा सम्मान या उपलब्धि मिल सकती है। हालांकि, खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी होगा।
हेल्थ अलर्ट: शुगर और मोटापे के प्रति सावधान रहें।
सावधानी: रिश्ते में आपसी तालमेल में कमी आ सकती है। आपको सोच समझकर निर्णय लेने की जरूरत है।
7. तुला:
भाव: पंचम भाव में सूर्य का गोचर शुभ माना जा सकता है। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन संतान की सेहत का भी ध्यान रखना होगा। बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
नौकरी और कारोबार: अगर आप ट्रेडिंग या सट्टेबाजी में हैं, तो बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। करियर में मेहनत का औसत फल मिलेगा, पर निराशा नहीं होगी।
रिश्ते: लव लाइफ में रोमांस की एंट्री होगी।
सावधानी: आपको बोलते वक्त ध्यान रखना होगा। अधिकारियों से विवाद से बचकर रहें।
8. वृश्चिक:
भाव: आपकी कुंडली में सूर्य का गोचर चतुर्थ भाव में होगा। यह अच्छा नहीं माना जा रहा है। हालांकि काम में आपका फोकस गजब का रहेगा। जो लोग ऑनसाइट या विदेश जाकर काम करना चाहते हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है। आप काफी फिट और कॉन्फिडेंट फील करेंगे।
सावधानी: किसी भी तरह के झगड़े से बचना होगा। अचानक से ट्रांसफर के योग बन सकते हैं।
रिश्ते: माता की सेहत का ध्यान रखना होगा। पत्नी से भी संबंधों को बनाकर रखना होगा।
9. धनु:
भाव: आपकी कुंडली के तीसरे भाव में यह गोचर पराक्रम को बढ़ाएगा। आपका झुकाव धर्म-कर्म की ओर बढ़ेगा। ऑफिस में आपके काम को अलग पहचान मिलेगी। व्यापारियों के लिए यह दौर किसी 'गोल्डन पीरियड' से कम नहीं है, लेकिन कोई नया काम करना अभी अच्छा नहीं है।
रिश्ते: जीवनसाथी के साथ रिश्ता और गहरा होगा, लेकिन भाई बहनों और मित्रों से संबंध बिगड़ सकते हैं।
सेहत: हाई मोरल के कारण मानसिक शांति रहेगी।
सावधानी: लिखने और बोलने में सावधानी रखें।
10. मकर:
भाव: दूसरे भाव में सूर्य का गोचर धन और परिवार से संबंधित मामलों में क्षति पहुंचा सकते हैं। हालांकि पुरानी पैतृक संपत्ति से अचानक धन लाभ हो सकता है, लेकिन करियर में असंतुष्टि रहेगी। नौकरी छोड़ने का विचार मन में आ सकता है। हालांकि अचानक से खर्चा हो सकता है।
सावधानी: आंखों में जलन और पाचन की समस्या हो सकती है। अपनी बात कहते समय सावधानी बरतें। मनमुटाव से बचकर रहें।
11. कुंभ:
भाव: आपकी कुंडली के प्रथम यानी लग्न में सूर्य का गोचर आपके अहंकार और क्रोध को बढ़ा सकता है इसलिए विनम्र रहें। विनम्रता से आप सफलता के नए झंडे गाड़ेंगे। ऑफिस के कलीग्स और सीनियर आपका पूरा सपोर्ट करेंगे।
बिजनेस: पेशेवर अंदाज से बड़ा विस्तार करेंगे।
रिश्ता: नए दोस्त बनेंगे और रिश्ता मधुर रहेगा।
हेल्थ: आपको सेहत पर ध्यान रखना होगा।
12. मीन:
भाव: 12वें भाव का सूर्य अच्छा नहीं माना जाता है। यह सेहत को हानि पहुंचाता है। पत्नी से संबंधों को नुकसान पहुंचाता है। कोर्ट कचहही के मामले में उलझा सकता है। हालांकि यदि लंबी यात्राएं होती हैं तो वो लाभदायक रहेंगी, लेकिन लापरवाही के कारण धन हानि हो सकती है। विरासत में मिली संपत्ति से राहत मिलेगी।
फिटनेस: इम्यूनिटी कमजोर रह सकती है, पैरों का ध्यान रखें।
सावधानी: आर्थिक फैसलों में सतर्क रहें।
उपाय:
1. महाशिवरात्रि पर शिवजी का रुद्राभिषेक करें और उन्हें रुद्राक्ष अर्पित करें।
2. आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें।
3. खाने वाले केसर का तिलक माथे पर, जीभ पर और नाभी पर लगाएं।
4. सूर्य ग्रहण के दौरान गेहूं का दान करें।
5. ग्रहण के बाद घर की शुद्धि करें और कोई की नया कार्य 10 दिनों बार ही प्रारंभ करें।