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साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब रहेगा, भारत में सूतककाल का समय क्या है?
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण: जानें तिथि, समय और भारत पर इसका प्रभाव
Solar Eclipse 2026: खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। वर्ष 2025 की तरह ही, वर्ष 2026 में भी कुल दो सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं। 2026 का पहला सूर्य ग्रहण साल की शुरुआत में ही यानी फरवरी महीने में लगने जा रहा है।
- कब है साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण?
- ग्रहण का समय (Timing)
- कहाँ-कहाँ दिखाई देगा यह ग्रहण? (Visibility)
- सूतक काल: नियम और मान्यताएं
- वर्ष 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण
1. कब है साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2026 का प्रथम सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगने वाला है। यह एक 'वलयाकार सूर्य ग्रहण' होगा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) भी कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के बीचों-बीच आ जाता है, जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकती हुई अंगूठी की तरह दिखाई देता है।
2. ग्रहण का समय (Timing)
अंतरराष्ट्रीय मानक समय और भारतीय समयानुसार ग्रहण का समय इस प्रकार रहेगा:
अधिकतम ग्रहण (UTC): दोपहर लगभग 12:12 PM पर।
भारतीय समय (IST): चूंकि यह ग्रहण मुख्य रूप से उस समय होगा जब भारत में रात या शाम का समय होगा, इसलिए यहाँ इसकी दृश्यता नहीं होगी।
3. कहाँ-कहाँ दिखाई देगा यह ग्रहण? (Visibility)
यह ग्रहण दुनिया के चुनिंदा हिस्सों में ही नजर आएगा:
मुख्य क्षेत्र: अंटार्कटिका, अफ्रीका के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से (विशेषकर दक्षिण अफ्रीका और मोजाम्बिक)।
अन्य क्षेत्र: दक्षिण अमेरिका के कुछ तटीय भाग और अटलांटिक महासागर के क्षेत्रों में इसे देखा जा सकेगा।
भारत में स्थिति: यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
4. सूतक काल: नियम और मान्यताएं
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण शुरू होने के 12 घंटे पहले से 'सूतक काल' मान्य होता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं। लेकिन 17 फरवरी 2026 के ग्रहण को लेकर नियम इस प्रकार हैं:
सूतक काल मान्य नहीं होगा: शास्त्रों का नियम है कि "तन्मध्ये यस्य दृश्यत्वं, तत्रैव सूतकं भवेत्" अर्थात ग्रहण जहाँ दिखाई देता है, सूतक काल के नियम वहीं लागू होते हैं।
भारत पर प्रभाव: चूंकि यह ग्रहण भारत में अदृश्य रहेगा, इसलिए यहाँ किसी भी प्रकार का सूतक काल प्रभावी नहीं होगा।
धार्मिक कार्य: मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और पूजा-पाठ या मांगलिक कार्यों पर कोई रोक नहीं होगी।
5. वर्ष 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा। हालांकि, यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और रूस के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।
वर्ष 2026 के दोनों सूर्य ग्रहण भारत की भौगोलिक सीमा के बाहर होने के कारण भारतीयों के लिए केवल एक खगोलीय सूचना मात्र हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इनका कोई विशेष नकारात्मक प्रभाव या सूतक संबंधी पाबंदियां भारत में रहने वाले लोगों पर लागू नहीं होंगी।
