गुरुवार, 26 मार्च 2026
  1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. राशियाँ
  4. grahan-yoga-in-aquarius-13-february-2026-impact-on-zodiac-signs
Written By WD Feature Desk
Last Updated : शनिवार, 7 फ़रवरी 2026 (18:05 IST)

कुंभ राशि में सूर्य-राहु की युति: 13 फरवरी से 'ग्रहण योग', इन 4 राशियों के लिए सावधानी का समय

The image shows the Aquarius constellation and a solar eclipse; the caption reads "Eclipse conjunction in Aquarius".
Eclipse conjunction in Aquarius: 13 फरवरी 2026 को ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुंभ राशि में 'ग्रहण योग' का निर्माण होने जा रहा है। दरअसल, इस दिन राहु और सूर्य की कुंभ राशि में युति होगी। ज्योतिष शास्त्र में जब भी राहु का संबंध सूर्य या चंद्रमा से होता है, तो उसे ग्रहण दोष या ग्रहण योग कहा जाता है। चूंकि सूर्य को आत्मा और राहु को भ्रम का कारक माना जाता है, इसलिए यह योग मानसिक और सामाजिक स्तर पर उथल-पुथल मचा सकता है। यहाँ इस ज्योतिषीय घटना का विस्तृत विश्लेषण और प्रभावित राशियों की जानकारी दी गई है।
 
इन 4 राशियों को रहना होगा 'सावधान'
ग्रहण योग का नकारात्मक प्रभाव मुख्य रूप से उन राशियों पर पड़ेगा जिनकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति संवेदनशील है:
 
वृषभ राशि (Taurus): कार्यक्षेत्र (Career) में राजनीति का शिकार हो सकते हैं। उच्च अधिकारियों के साथ तालमेल बिगाड़ने की कोशिश न करें और धैर्य से काम लें।
 
सिंह राशि (Leo): सूर्य आपकी राशि का स्वामी है और राहु के साथ इसकी युति आपके सप्तम भाव (साझेदारी और वैवाहिक जीवन) में होगी। जीवनसाथी के साथ विवाद से बचें और व्यापारिक समझौतों में जल्दबाजी न करें।
 
वृश्चिक राशि (Scorpio): आपके चौथे भाव में यह योग पारिवारिक सुख-शांति को प्रभावित कर सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और संपत्ति संबंधी विवादों से दूर रहें।
 
कुंभ राशि (Aquarius): ग्रहण योग आपकी ही राशि में बन रहा है। आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। निर्णय लेने में भ्रम (Confusion) की स्थिति बन सकती है, इसलिए बड़े निवेश या बदलाव से बचें।
 

ग्रहण योग के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

यदि आपकी राशि ऊपर दी गई सूची में है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इन सरल उपायों से नकारात्मकता को कम किया जा सकता है:
  • आदित्य हृदय स्तोत्र: प्रतिदिन सूर्य देव की स्तुति करें।
  • दान: राहु के प्रभाव को शांत करने के लिए काले तिल या सप्तधान्य का दान करें।
  • मंत्र जप: 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप मानसिक भ्रम को दूर करने में रामबाण है।
  • पक्षियों की सेवा: सात प्रकार के अनाज पक्षियों को खिलाएं।