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Maha Shivratri : कर्ज से चाहिए मुक्ति तो शिवरात्रि का अवसर न जाने दें 17 शिव मंत्र जरूर पढ़ें

शुक्रवार,फ़रवरी 21, 2020
MAHASHIVRATRI 2020
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23 फरवरी के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें। प्रस्तु‍त हैं फाल्गुन अमावस्या के 2 सरल उपाय...
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भगवान शिव के 108 नामों का विशेष महत्व है। प्रदोष, शिवरात्रि, श्रावण मास, श्रावण सोमवार या प्रति सामान्य सोमवार को इन नामों का स्मरण करने से शिव की कृपा सहज प्राप्त हो जाती है।
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भगवान शंकर की कृपा से वर पाने की इच्छा रखने वाली कन्याओं को महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव की उपासना किस प्रकार करनी चाहिए?
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सत्यं ब्रवीमि परलोकहितं ब्रव्रीम सारं ब्रवीम्युपनिषद्धृदयं ब्रमीमि। संसारमुल्बणमसारमवाप्य जन्तोः सारोऽयमीश्वरपदाम्बुरुहस्य सेवा ॥
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कुंभ संक्रांति में शनि उपासना से जीवन में सौभाग्य, दौलत, सफलता और सम्मान प्राप्त होता है। शास्त्रों में कुंभ संक्रांति में मनोरथ सिद्धि व कष्ट-पीड़ाओं से मुक्ति के लिए शनि मंत्रों से उपासना बहुत ही मंगलकारी बताई गई है। प्रचुर धन प्राप्ति के लिए नीचे ...
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गौमती चक्र समृद्धि, खुशी, अच्छा स्वास्थ्य, धन, मन की शांति और बुरे प्रभावों से बचाता है। रोग के इलाज़ में सहायता, अधिक चेतना, बेहतर भक्ति, समाज में प्रतिष्ठा, वित्तीय विकास, एकाग्रता, व्यापार वृद्धि और पूजा की शक्ति देने में बहुत सहायक है।
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बहुत कम लोग जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर सदाशिव के साथ भगवान विष्णु भी होते हैं प्रसन्न, इन विशेष मंत्रों से सुनेंगे वे हर मनोकामना... राशि से जानिए भगवान विष्णु का कौन सा मंत्र महाशिवरात्रि पर आपके लिए शुभ है...
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राशि के अनुकूल मंत्र का जाप करे तो लाभकारी होता है।पांच माला का जाप करें। श्चित ही इसका प्रभाव होगा, जिससे धन, यश और समृद्धि की वृद्धि होगी।
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जिस घर में नियमित रूप से अथवा हर शुक्रवार को श्रीसुक्त अथवा लक्ष्मीसुक्त का पाठ होता है वहां स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
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भारतीय परंपराओं में उनकी पूजा और यज्ञ संपूर्ण विधि-विधान से किया जाता है। भगवान विश्वकर्मा की कृपा पाने के लिए उनके 108 नामों का पाठ करना बहुत लाभदायी होता है।
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साल 2020 में 9 फ़रवरी रविवार के दिन ललिता जयंती मनाई जाएगी। आज हम आपको ललिता जयंती के चमत्कारिक मंत्र के बारे में में बता रहे हैं जो सभी कष्टों से मुक्ति दिलाने में कारगर है।
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रविवार के दिन नीचे दिए गए मंत्रों में से जो भी मंत्र आसानी से याद हो सकें उसके द्वारा सूर्य देव का पूजन-अर्चन करें। फिर अपनी मनोकामना मन ही मन बोलें। भगवान सूर्य नारायण आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करेंगे।
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नर्मदा जी का जितना भी गुण-गान किया जाए कम ही होगा। इनका हर कंकर शंकर की तरह पूजा जाता है। नर्मदा का स्वच्छ निर्मल जल पृथ्वी का मानों अमृत ही है। माघ मास के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि को शास्त्रों में नर्मदा जयंती कहा गया है।
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बुद्धि में विकास के लिए वसंत पंचमी के दिन काली मां के दर्शन कर पेठा या कोई भी फल अर्पित कर ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महा सरस्वत्यै नम:’ मंत्र का सस्वर जाप करना चाहिए।
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अगर आप कुशल वक्ता बनना चाहते हैं तो 11 माला नित्य करें। ऐसा करने से व्यक्ति वागीश हो जाता है। वाक् सिद्धि हो जाती है। इस मंत्र को ब्रह्माजी, वेदव्यासजी, बृहस्पति ने जपा था। सरस्वती देवी की मूर्ति या चित्र श्वेत अक्षत पर रख श्वेत पुष्प चढ़ाएं।
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ज्ञान और बुद्धि की देवी सरस्वती की आराधना विविध प्रकार से की जाती है। वसंत पंचमी के दिन मंत्रों से की गई आराधना विशेष प्रतिफलित होती है। प्रस्तुत है पुराणों से लिए गए सरस्वती के 3 असरकारी मंत्र :
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सरस्वती मां उनसे कहती हैं- व्यास! तुम मेरी प्रेरणा से रचित वाल्मीकि रामायण को पढ़ो, वह मेरी शक्ति के कारण सभी काव्यों का सनातन बीज बन गया है। उसमें श्रीरामचरित के रूप में मैं साक्षात्‌ मूर्तिमती शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित हूं-
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- जो लोग सरस्वती के कठिन मंत्र का जप नहीं कर सक‍ते, उनके लिए प्रस्तुत है मां सरस्वती के सरल मंत्र। वसंत पंचमी के दिन से इस मंत्र जप का आरंभ करने और आजीवन इस मंत्र का पाठ करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है।
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जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की है और जो श्वेत वस्त्र धारण करती है, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा विष्णु एवं शंकर आदि ...
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