0

धूमावती जयंती 2020 : Dhumavati Jayanti के दिन जपें गायत्री मंत्र, करें ये 7 उपाय

शुक्रवार,मई 29, 2020
Dhumavati Jayanti 2020
0
1
ग्रहों में प्रथम परिगणित, अदिति के पुत्र तथा विश्व की रक्षा करने वाले भगवान सूर्य विषम स्थानजनित मेरी पीड़ा का हरण करें ।।
1
2
आज शनि जयंती है,आप लॉक डाउन में फंसे असहायों की सहायता करेंगे, भिखारी एवं कौड़ियों को कंबल देंगे एवं भोजन कराएंगे, तो शनिदेव सदा प्रसन्न रहेंगे....इसके अलावा ये 4उपाय भी आजमा सकते हैं...
2
3
22 मई को अमावस्या है। इस दिन वट सावित्री अमावस्या तथा शनि जयंती मनाई जाएगी। इस दिन शनि दोषों से मुक्ति के लिए शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
3
4
नृसिंह मंत्र से तंत्र मंत्र बाधा, भूत पिशाच भय, अकाल मृत्यु का डर, असाध्य रोग आदि से छुटकारा मिलता है तथा जीवन में शांति की प्राप्ति हो जाती है।
4
4
5
मां बगलामुखी यंत्र चमत्कारी सफलता तथा सभी प्रकार की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं इस यंत्र में इतनी क्षमता है कि यह भयंकर तूफान से भी टक्कर लेने में समर्थ है।
5
6
मां बगलामुखी यंत्र मुकदमों में सफलता तथा सभी प्रकार की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं इस यंत्र में इतनी क्षमता है कि यह भयंकर तूफान से भी टक्कर लेने में समर्थ है।
6
7
पीले वस्त्रों में मां बगलामुखी के ये 4 मंत्र पढ़ेंगे तो दुनिया की कोई शक्ति पराजित नहीं कर सकेगी आइए डालें एक नजर मंत्रों पर....
7
8
छोटे बच्चे नाजुक होते हैं। उन्हें बाहरी नजर और बाधा के अलावा दुर्घटना तथा रोगों का खतरा भी बना रहता है। ग्रहों की विपरीत दशा और गलत संगत से बचाना भी जरूरी होता है।
8
8
9
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर अगर आप नदी में स्नान करने का पुण्य लाभ नहीं ले पा रहे हैं तो इस स्तोत्र का घर में स्नान करते समय...
9
10
हिन्दू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन बेहद ही खास माना गया है। इस दिन पवित्र नदी गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी मनाई जाती है।
10
11
जिन जातकों की जन्मपत्रिका में 'पितृ-दोष' है वे 'अक्षय-तृतीया' के दिन प्रात:काल किसी स्वच्छ स्थान या मन्दिर में लगे पीपल के ऊपर अपने पितृगणों के निमित्त घर का बना मिष्ठान व एक मटकी में शुद्ध जल रखें।
11
12
मां लक्ष्मीजी की उपासना अक्षय तृतीया को शाम के समय उत्तरमुखी होकर लाल आसान पर बैठकर की जाती है। पूजन शुरू करने से पहले एक लाल कपड़े पर लक्ष्मीजी का चित्र स्थापित करके उसके सम्मुख 10 लक्ष्मीकारक कौड़ियां रखें एवं शुद्ध घी का दीपक जला लें।
12
13
अक्षय तृतीया के दिन सर्वकामना की सिद्धि हेतु यह स्तुति पढ़ने से भूमि, धन, ज्ञान, अभीष्ट सिद्धि, दारिद्रय से मुक्ति, शत्रु नाश, संतान प्राप्ति, विवाह, वर्षा, वाक् सिद्धि आदि की प्राप्ति होती है।
13
14
अक्षय तृतीया को 'आखातीज' के नाम से भी जाना जाता है। 'अक्षय' का अर्थ है कभी क्षय न होने वाला। इस दिन कोई भी शुभ कार्य, साधना, हवन, जप, तप आदि किया जाए तो उसका फल जप-तप करने वालों को अवश्य मिलता है। यह स्वयंसिद्ध मुहूर्त होने के नाते भले ही इस दिन कोई ...
14
15
मनुष्य जीवन में हर क्षण कोई न कोई समस्या उत्पन्न होती है तथा जिसका निदान भौतिक रूप से मिलता नहीं। इसी कारण परालौकिक शक्तियों की सहायता से जिन्हें हम भगवान, देवता इत्यादि के नाम से जानते हैं,
15
16
सात अंजुली जलं ''विश्वावसु'' गंधर्व को अर्पित करें और निम्न मंत्र का 108 बार मन ही मन जप करें। ध्यान रहे कि इसे गुप्त रखें।
16
17
सास और बहू का रिश्ता बड़ा नाजुक होता है। कई बार दोनों पक्ष सही होते हैं पर आमने-सामने आ जाते हैं। वैसे तो इसके कई सामाजिक, पारिवारिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं लेकिन कुछ ज्योतिष के उपाय भी रिश्तों को मधुर बनाने में मददगार सिद्ध हो सकते हैं।
17
18
हमारे शास्त्रों में ऐसे कई संकेतों का जिक्र भी मिलता है जो आगामी शुभ-अशुभ घटनाओं या विपत्त‍ि की ओर इशारा करते हैं। इन पर अगर यही तरीके से ध्यान दिया जाए, तो अनहोनी से भी बचा जा सकता है। आइए जानते हैं इन 5 संकेतों के बारे में -
18
19
धन कमाने के कदम सरल उपाय दिए जा रहे हैं आप अपनी सुविधा से किसी 1 को भी अपना सकते हैं। आप बस नियमित उसका पालन करें।
19